विश्वविद्यालय प्रदेश में भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की कर रहा वैज्ञानिक मैपिंग
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रदेश में भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रहा है। एचपीयू का हिमालय अध्ययन विभाग इस विषय पर शोध में जुटा
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 05-01-2026
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रदेश में भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रहा है। एचपीयू का हिमालय अध्ययन विभाग इस विषय पर शोध में जुटा है। अध्ययन का मकसद जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, आपदा की संभावना का आकलन और नीतिगत योजना के लिए ठोस वैज्ञानिक आधार तैयार करना है।
दरअसल प्रदेश का अधिकांश हिस्सा भूकंपीय जोन-चार और पांच में आता है। हाल के वर्षों में भारी वर्षा, भूस्खलन, भूमि धंसाव और आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।शोध के तहत भूगर्भीय संरचना, पहाड़ियों की ढलान, नदी-घाटियां, वर्षा का स्वरूप और निर्माण गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
इसके आधार पर जोखिम वाले क्षेत्रों के मानचित्र तैयार किए जा रहे हैं। इनसे स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों में निर्माण, सड़क विस्तार और अन्य गतिविधियों में विशेष सावधानी जरूरी है। शोध में शिमला के शिवबावड़ी, मंडी के थुनाग और किन्नौर की घटनाओं को केस स्टडी के रूप में शामिल किया गया है।
इन घटनाओं के कारणों, चेतावनी संकेतों और मानवीय हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अध्ययन रिपोर्ट, मानचित्र सरकार और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी बेहतर की जा सके।
What's Your Reaction?

