यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 18-02-2026
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार दी जा रही धनराशि को हिमाचल सरकार ने निजी के लिए इस्तेमाल किया और यही कारण की प्रदेश आर्थिक बधाई के दौर से गुजर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नाहन में आज मीडिया से बातचीत कर रहे थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल सरकार के 40 माह के कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार की तरफ विभिन्न मदों में बड़ी आर्थिक मदद केंद्र सरकार की तरफ से की गई है। मगर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए बजट का सरकार ने उचित इस्तेमाल नहीं किया और इसका निजी हित में इस्तेमाल कर प्रदेश को आर्थिक बदहाली में डाल दिया। राजीव बिंदल यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा आरडीजी को लेकर बुलाई गई बैठक में भी लोगो को गुमराह करने की कोशिश की गई जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर नाहन मेडिकल कॉलेज के साथ भी भेदभाव करने का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है मगर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए धनराशि जारी की गई मगर नाहन मेडिकल कॉलेज का पिछले 3 साल से निर्माण कार्य रुका पड़ा है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में केंद्र सरकार द्वारा मातृ शिशु अस्पताल के लिए 20 करोड़ और नर्सिंग कॉलेज निर्माण के लिए करोड़ो धन राशि स्वीकृत की गई है मगर इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत सरकारी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि चंबा , हमीरपुर , टांडा मेडिकल कॉलेज , चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और आईजीएमसी को अलग-अलग आर्थिक सहायता मिली , जबकि नाहन मेडिकल कॉलेज पूरी तरह शून्य पर है। उन्होंने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पिछले सवा तीन वर्षों से बंद पड़ा है। पूरा धन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया, लेकिन आज तक उसका हिसाब नहीं दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि 11-मंजिला बिल्डिंग और 500-बेड अस्पताल अभी तक शुरू क्यों नहीं हुआ ? 50-बेड माता-शिशु अस्पताल का काम तीन साल बाद भी क्यों अटका है ? डॉ. बिंदल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी चिंताजनक है। टेस्ट महंगे , पर्ची शुल्क लागू , दवाइयों की कमी , डॉक्टरों की कमी , तीन पीएचसी और एक सीएचसी बंद, हिमकेयर योजना ठप और आयुष्मान कार्ड तक अटेंड करने वाला नहीं। यह सिरमौर और नाहन की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कहने पर बुलाई गई बैठक में भाजपा पूरी गंभीरता से पहुंची और लगभग दो घंटे चर्चा सुनी। वित्त सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट भी सुनी। लेकिन जब भाजपा ने उसी सरकारी रिपोर्ट के तथ्य रखने शुरू किए तो बीच-बीच में टोका-टोकी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने पूरा दोष केंद्र सरकार पर डालने का प्रयास किया और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसका भाजपा ने विरोध दर्ज कराया।
सवा तीन साल में लगभग ₹27000 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट और अन्य मदों में हजारों करोड़ मिलने के बावजूद संस्थान बंद , विकास ठप और जनता परेशान आखिर पैसा गया कहां? उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक से वॉकआउट किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 40 महीनों में केंद्र ने हर विकासात्मक मद में हिमाचल को अभूतपूर्व सहयोग दिया, लेकिन राज्य सरकार की धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक विफलता के कारण प्रदेश बैकफुट पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का विरोध राजनीति नहीं बल्कि जनहित और पारदर्शिता के लिए है और पार्टी जनता के सामने सच लाती रहेगी।