पटवारी-कानूनगो और सरकार के बीच खींचतान जारी , ठप पड़े राजस्व कार्य , औद्योगिक इकाइयों के साथ आम जनता भी परेशान

हिमाचल में पटवारी और कानूनगो की हड़ताल से जनता परेशान है. 28 फरवरी से सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री, डिमार्केशन जैसे काम ठप हैं. सरकार फैसले को वापस नहीं ले रही। बता दे कि हिमाचल प्रदेश के साथ साथ बद्दी में भी पटवारी और कानूनगो की पेन डाउन स्ट्राइक बद्दी में जारी है , जिससे जनता के साथ साथ बद्दी में औद्योगिक इकाइयां भी परेशान है। इंडस्ट्री के साथ आम लोग बार-बार पटवारखाने के चक्कर काट रहे हैं

Mar 6, 2025 - 19:40
Mar 6, 2025 - 20:01
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पटवारी-कानूनगो और सरकार के बीच खींचतान जारी , ठप पड़े राजस्व कार्य , औद्योगिक इकाइयों के साथ आम जनता भी परेशान

रजनीश ठाकुर - बीबीएन  06-03-2025

हिमाचल में पटवारी और कानूनगो की हड़ताल से जनता परेशान है. 28 फरवरी से सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री, डिमार्केशन जैसे काम ठप हैं. सरकार फैसले को वापस नहीं ले रही। बता दे कि हिमाचल प्रदेश के साथ साथ बद्दी में भी पटवारी और कानूनगो की पेन डाउन स्ट्राइक बद्दी में जारी है , जिससे जनता के साथ साथ बद्दी में औद्योगिक इकाइयां भी परेशान है। इंडस्ट्री के साथ आम लोग बार-बार पटवारखाने के चक्कर काट रहे हैं , लेकिन वहां सहायक के अलावा कोई नहीं मिल रहा। स्टेट कैडर बनाए जाने के विरोध में पटवारी और कानूनगो 28 फरवरी से हड़ताल पर हैं , जिसके चलते सर्टिफिकेट , रजिस्ट्री , इंतकाल , तकसीम , डिमार्केशन , जमाबंदी अपडेशन समेत सभी काम ठप हैं। 
गौरतलब है कि सरकार और पटवारी और कानूनगो की खींचतान से बद्दी की इंडस्ट्री और बदी के व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है काम भी बंद है। दरअसल, हिमाचल सरकार ने राजस्व विभाग के सभी नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारियों को स्टेट कैडर में डालने की अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद से ये सभी नाराज हैं. वे सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल से जनता को हो रही परेशानी के बावजूद सरकार स्टेट कैडर के फैसले को वापस लेने के मूड में नहीं है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी कई बार अपील की है। जानकारी के अनुसार, सरकार की अपील नहीं मानने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। 
बद्दी के लोगो ने जब मीडिया से बात की तो लोगो ने बताया कि हमने यह महंगे प्लॉट लिए है जिनकी डिमार्केशन करनी है। वे 3-4 दिन से बद्दी तहसील पटवारखाने में आ रहे हैं, लेकिन पटवारी नहीं मिल रहा। लोगों का कहना है कि डिमार्केशन के बिना उनका आगे का काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि मेरी तरह कई लोग अपने काम के लिए आ रहे हैं, सहायक को भी हर रोज फोन करके पूछते हैं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि हड़ताल जारी है। बही एक बुजुर्ग औरत ने मीडिया से कहा कि सरकार और सरकार के मुखिया को बातचीत कर इस मसले को सुलझाना चाहिए.ताकि बद्दी की आम जनता के साथ हिमाचल प्रदेश की जनता परेशान ना हो। 

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