पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर थाना बालूगंज में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक कारोबारी ने होटल बनाने के लिए एमएसएमई योजना के तहत 9.90 करोड़ के ऋण मामले में एक प्रतिष्ठित बैंक के अधिकारियों पर षड्यंत्र रचकर करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुंचाने, जाली दस्तावेज बनाने और होटल जबरन नीलाम कर हड़पने की कोशिश
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 10-04-2026
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक कारोबारी ने होटल बनाने के लिए एमएसएमई योजना के तहत 9.90 करोड़ के ऋण मामले में एक प्रतिष्ठित बैंक के अधिकारियों पर षड्यंत्र रचकर करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुंचाने, जाली दस्तावेज बनाने और होटल जबरन नीलाम कर हड़पने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर थाना बालूगंज में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। कारोबारी सुमित सूद की ओर से पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक साल 2015 में उन्होंने होटल के लिए मालरोड स्थित एक प्रतिष्ठित बैंक से 9.90 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट को पहले 16.55 करोड़ से घटाकर 14.55 करोड़ करने के लिए कहा और टॉपअप का वादा किया।
एनजीटी प्रतिबंध, कोविड लॉकडाउन जैसी मुसीबतों के बावजूद बैंक ने ऋण का पुनर्गठन नहीं किया और खाते को बार-बार एनपीए घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के एक अधिकारी ने उनसे रिश्वत मांगी।
जब उन्होंने इन्कार किया तो (डेट ऑफ कमेंसमेंट ऑफ कॉमर्शियल ऑपरेशन) तिथि बदलकर यूनिट को जानबूझकर तनावग्रस्त करने का काम किया गया। इसके बाद उन्हें संपत्ति योजना में ऋण का पुनर्गठन करने के नाम पर 42 लाख रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया।
उन्होंने परिवार के गहनों पर गोल्ड लोन के आधार 42 लाख का ऋण लिया और जमा करवाए, लेकिन बैंक अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत होटल का मूल्यांकन कम करवाकर बाद में पुनर्गठन करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद 2.60 करोड़ की सब्सिडी पास करवाने के नाम पर 26 लाख की रिश्वत मांगी, जिसे उन्होंने देने से मना कर दिया।
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