यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन 14-01-2026
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को अर्की में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनके साथ गहरा दुख साझा किया। इस दौरान स्थानीय भाजपा सांसद सुरेश कश्यप भी उनके साथ मौजूद रहे और दोनों नेताओं ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर स्थानीय व्यापारियों व आम जनता की समस्याओं को सुना। जयराम ठाकुर ने स्थानीय भाजपा नेताओं के विशेष आग्रह पर उन साहसी युवाओं को सम्मानित किया , जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और राहत कार्यों में तेजी दिखाकर कई जिंदगियां बचाईं।
इस हृदय विदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह मंजर बेहद भयावह रहा होगा जब 9 लोग घरों के भीतर ही जिंदा जल गए , जो मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रवैये को बेहद असंवेदनशील करार दिया और कहा कि भले ही हादसे का शिकार हुए लोग दूसरे राज्यों के मजदूर थे , लेकिन उनके प्रति सरकार की उदासीनता निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अग्निकांड के समय फायर टेंडर कम क्यों पड़ गए और समय रहते आग पर काबू क्यों नहीं पाया जा सका, जिससे इतनी बड़ी जनहानि हुई। जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को कठोर सुरक्षा मानक तय करने होंगे और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना होगा।
अग्निकांड के मुद्दे के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक घमासान पर भी जमकर भड़ास निकाली और कहा कि भाजपा पहले दिन से कह रही थी कि सरकार और संगठन में तालमेल की भारी कमी है , जो अब सरेआम सड़कों पर आ गई है। उन्होंने वर्तमान कैबिनेट की स्थिति को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि मंत्री आपस में ही भिड़ रहे हैं और एक - दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे साफ है कि सत्ता की बागडोर ढीली पड़ चुकी है। जयराम ठाकुर ने उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विभाग में उठ रहे घोटालों के आरोपों पर उनकी चुप्पी पर सवाल दागते हुए पूछा कि क्या गलत करने वाले लोग इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि सरकार कार्रवाई करने से डर रही है या फिर इसमें सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की मौन संलिप्तता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल में चल रही यह वर्चस्व की जंग स्वयं सरकार द्वारा लगाई गई आग है , जिसमें मंत्री एक-दूसरे के खिलाफ तलवारें ताने खड़े हैं।
मुख्यमंत्री अपने खास मित्रों के साथ बैठकर इस तमाशे का आनंद ले रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब प्रदेश के मंत्री और बड़े नेता आपसी लड़ाई में व्यस्त रहेंगे , तो जनहित के कार्य और सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को इस प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता का भारी खमियाजा भुगतना पड़ेगा , क्योंकि राज्य में विकास कार्य ठप हैं और भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ शिमला के सांसद सुरेश कश्यप भाजपा अध्यक्ष सोलन रत्तन पाल सिंह व अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।