मुख्यमंत्री सुक्खू को विकास नहीं विनाश के लिए किया जाएगा याद : विश्व चक्षु

हिमाचल प्रदेश में जब से व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर ये कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है उसी दिन से जनता सुख के बजाय दुःख झेल रही है। हर रोज मुख्यमंत्री आम आदमी जनता पर कोई न कोई वित्तीय बोझ डालते आये हैं जिससे जनता बहुत दुःखी है। आज से पहले कभी ऐसे खराब हालात नहीं बने। पूर्व भाजपा सरकार के समय जनता को कभी कोई इलाज के लिए न कोई पर्ची के लिए पैसा देना पड़ा

Jun 15, 2025 - 19:22
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मुख्यमंत्री सुक्खू को विकास नहीं विनाश के लिए किया जाएगा याद : विश्व चक्षु
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यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला  15-06-2025

हिमाचल प्रदेश में जब से व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर ये कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है उसी दिन से जनता सुख के बजाय दुःख झेल रही है। हर रोज मुख्यमंत्री आम आदमी जनता पर कोई न कोई वित्तीय बोझ डालते आये हैं जिससे जनता बहुत दुःखी है। आज से पहले कभी ऐसे खराब हालात नहीं बने। पूर्व भाजपा सरकार के समय जनता को कभी कोई इलाज के लिए न कोई पर्ची के लिए पैसा देना पड़ा और न महंगे इलाज के लिए कहीं और भटकना पड़ा। आयुष्मान और हिम केयर कार्ड से लोगों को सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिल रहा था , लेकिन जैसे ही ये सरकार आई तो लोगों को अब न गंभीर बीमारियों का इलाज मिल पा रहा है और न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर। 
भाजपा प्रदेश।मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने वर्तमान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते हुए कहा है कि ये हिमाचल के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जो विकास नहीं विनाश के लिए जाने जाएंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार , शांता कुमार , रामलाल ठाकुर , वीरभद्र सिंह , प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर किसी न किसी बड़े काम के लिए जाने जाते हैं ,  लेकिन दुर्भाग्य से वर्तमान मुख्यमंत्री का नाम ताले लगाने वाले और व्यवस्था पत्तन कराने के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई क्रांतिकारी बदलाब लाकर आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं जहां सुगम बनाई। वहीं महंगे इलाज भी हिमकेअर जैसी योजना से संभव करवाकर लोगों को पांच लाख तक के इलाज़ मुफ्त करवाए। यही नहीं सारे टेस्ट सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क होते थे और रोगी पर्ची का एक पैसा तक कभी नहीं बसूला। 
यही नहीं ये पहली बार हुआ कि सहारा योजना के अंतर्गत घरों में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को तीन हजार रुपए मासिक देने का भी प्रावधान किया था जिसे इस सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस सरकार की हालत तो ये है कि अब मुफ्त बनने वाली रोगी पर्ची के भी सभी अस्पतालों में दस रुपए वसूले जा रहे हैं। इसे लेकर भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू झूठ बोल रहे हैं कि ये उनका फैसला नहीं है , जबकि ऐसे आदेश उनके ही स्वास्थ्य सचिव ने निकाले हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोज झूठ बोलते हैं और जब विपक्ष सवाल उठाता है तो अपने ऊपर कोई बात न आये तो उसे टालने की कोशिश करते हैं। चक्षु ने कहा कि आज जनता पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समय शुरू की गई योजनाओं को याद कर उन्हें ही बेहतर जनसेवक मान रही है और वर्तमान मुख्यमंत्री को जगह जगह रोज आम जनता कोसती नज़र आ रही है। 
उन्होंने कहा कि इतिहास में नाम उसी का याद किया जाता है जो जनता के हित में काम करता है न कि उनका जो सिर्फ मित्रों का घर कैसे भरें उस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल्य का भी इस्तीफा मांगते हुए कहा कि इतिहास में उनके जैसा स्वास्थ्य मंत्री कोई नहीं रहा। उनके काम करने का आलम ये है कि अढाई साल से वो मेडिकल कालेज और अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति की बैठकें तक अभी नहीं कर पाएं हैं। टांडा , नेरचौक और आईजीएमसी जैसे बड़े अस्पताल आज दुर्दशा के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री दो साल पहले कहते हैं कि नेरचौक में एमआरआई मशीनें हम लगाएंगे लेकिन वो आज तक नहीं लगी। टांडा मेडिकल का हाल तो किसी से छिपा नहीं है। रोज अखबारों में यहां की दुर्दशा को लेकर समाचार आते हैं लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।

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