यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 03-02-2026
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को ई-केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि तक ई केवाईसी न करवाने वाले पेंशनधारकों की पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा निर्णय लिया गया था कि प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का ऑनलाइन माध्यम से ई-केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार किया जाए, ताकि सभी पात्र पेंशनरों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन सुचारू रूप से उनके बैंक अथवा डाकघर के बचत खातों में वितरित की जा सके।
विभाग द्वारा सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन ई-केवाईसी त्वरित आधार पर जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी के माध्यम से आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से जुलाई, 2025 में आरम्भ किया गया था। प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2026 निर्धारित की गयी थी। उन्होंने बताया कि जिन पेंशन धारकों ने निर्धारित अवधि में अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, उनकी पेंशन विभाग द्वारा अस्थायी तौर पर रोक दी गई है। इस संदर्भ में उन्होंने सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों से पुनः अपील की है कि जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी सत्यापन अभी तक नहीं करवाया है, वे अपने नजदीकी आगंनबाड़ी केन्द्र अथवा सम्बंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में 15 फरवरी, 2026 से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना (ई-केवाईसी) सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि इस अंतिम अवसर के उपरान्त , पेंशन लाभार्थी द्वारा अपनी ई-केवाईसी सत्यापित नहीं करने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि पेंशनर अनुपलब्ध है अथवा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है तथा उन पेंशनरों की पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जायेगी। इसके अतिरिक्त यदि किसी असहाय पेंशनभोगी का आधार कार्ड किसी कारण से नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है, तो वह आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है। प्रवक्ता ने आग्रह किया कि ई-केवाईसी सत्यापन के लिए आवश्यक जानकारी एवं समस्या निवारण के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा सम्बन्धित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से अविलम्ब संपर्क करें।