राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में किया जा रहा विकसित  

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी

Jan 19, 2026 - 11:38
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राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में किया जा रहा विकसित  

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    19-01-2026

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत हो सके। 

मुख्यमंत्री कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत बड़े और साहसिक कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाकर समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। सुक्खू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य का शिशु लिंग अनुपात 947 से बढ़कर 964 हो गया है। यह बदलाव बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार के निरंतर और गंभीर प्रयासों का परिणाम है।

इस सकारात्मक सुधार ने कई नए और कल्याणकारी कदमों की नींव रखी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले परिवारों में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए जन्म के समय 25,000 रुपये जमा किए जाते हैं। इसके साथ ही माता-पिता दोनों का 2-2 लाख रुपये का जीवन बीमा भी किया जाता है, जिसकी राशि बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर या उसकी इच्छा अनुसार 27 वर्ष की आयु तक मिल सकती है। 

उन्होंने कहा कि इस योजना से ‘बेटी है अनमोल योजना’ अधिक सुदृढ़ हुई है। कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने सोलन, पालमपुर, बद्दी, गगरेट, नगरोटा-बगवां सहित विभिन्न जिलों में 13 नए महिला छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। इन पर लगभग 132 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित और सस्ती आवास सुविधा प्रदान करेंगे।

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