यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर 30-03-2025
भाषा, कला और संस्कृति विभाग पारंपरिक लोक कलाकारों की पहचान करके इनकी ग्रेडिंग करने जा रहा है, ताकि इन लोक कलाकारों को विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में उचित मंच मिल सके और हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में सलासी स्थित जिला भाषा अधिकारी कार्यालय एवं संस्कृति सदन के परिसर में जिला हमीरपुर के लोक कलाकारों के ऑडिशन एवं स्वर परीक्षा ली गई। जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि दो दिन तक चली इस प्रक्रिया के दौरान जिले भर से लगभग 81 लोक कलाकार ऑडिशन देने के लिए पहुंचे।
इस दौरान पारंपरिक एवं लुप्त हो रही लोक गायन विधाओं में पारंगत कुछ बुजुर्ग लोक कलाकार और कई नए उभरते हुए युवा कलाकार भी ऑडिशन देने के लिए पहुंचे। पहले दिन शुक्रवार को लगभग 52 लोक कलाकारों ने स्वर परीक्षा दी थी, जबकि शनिवार को 29 लोक कलाकारों ने ऑडिशन दिया। जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि भाषा, कला और संस्कृति विभाग पारंपरिक लोक गायन, वादन और नृत्य आदि कलाओं में पारंगत लोक कलाकारों को श्रेणीबद्ध करने जा रहा है। इससे जहां प्रदेश भर में पारंपरिक लोक कलाकारों की पहचान होगी तथा उन्हें विभाग की मान्यता मिलेगी, वहीं लोक संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्द्धन भी सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि सलासी में दो दिन तक चले ऑडिशन के दौरान निर्णायक मंडल में डिग्री कालेज हमीरपुर से संगीत विभाग के प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए प्रोफेसर डॉ. एमएस मिश्रा और डिग्री कालेज सुजानपुर में संगीत विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ उमा देवी ने अपनी सराहनीय सेवाएं प्रदान कीं। जिला भाषा अधिकारी ने इसमें सहयोग के लिए जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों, अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सभी प्रतिभागी लोक कलाकारों का भी आभार व्यक्त किया।