सिर से पिता का साया उठा तो सुख शिक्षा योजना ने दिया सहारा

किसी भी परिवार के मुखिया यानि उस परिवार के पालक एवं पिता की अगर किन्हीं कारणों से असामयिक मृत्यु हो जाए तो वह परिवार तो पूरी तरह टूट जाता है। अगर उसकी पत्नी केवल गृहिणी ही हो तो फिर वह परिवार तो सिर्फ मानसिक एवं भावनात्मक रूप से ही नहीं टूट जाता है, बल्कि आर्थिक संकटों से भी घिर जाता

Nov 19, 2025 - 19:39
 0  21
सिर से पिता का साया उठा तो सुख शिक्षा योजना ने दिया सहारा
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं साक्षी और तेजस

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना से प्रदेश सरकार दे रही है फीस और हॉस्टल का खर्चा

यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर   19-11-2025

किसी भी परिवार के मुखिया यानि उस परिवार के पालक एवं पिता की अगर किन्हीं कारणों से असामयिक मृत्यु हो जाए तो वह परिवार तो पूरी तरह टूट जाता है। अगर उसकी पत्नी केवल गृहिणी ही हो तो फिर वह परिवार तो सिर्फ मानसिक एवं भावनात्मक रूप से ही नहीं टूट जाता है, बल्कि आर्थिक संकटों से भी घिर जाता है। 

बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करना भी मुश्किल हो जाता है। विधवा महिलाओं को अपने बच्चों की शिक्षा की चिंता सताने लगती है। इसी प्रकार, तलाकशुदा या अन्य निराश्रित महिलाओं और दिव्यांग माता-पिता को भी अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के प्रबंध के लिए कई दिक्कतों कासामना करना पड़ता है। 

प्रदेश भर में ऐसी हजारों महिलाओं एवं उनके बच्चों की दिक्कतों को समझते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की है। इसी योजना के कारण आज नादौन उपमंडल के गांव तरेटी की गरीब महिला वीना देवी अपने दोनों बच्चों को एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ा पा रही हैं।
  
अप्रैल 2023 में पति की असामयिक मृत्यु के कारण वीना देवी पूरी तरह टूट चुकी थी। उन्हें बेटी साक्षी कौशल और बेटे तेजस कौशल की शिक्षा की चिंता सता रही थी। लेकिन, इसी दौरान उन्हें प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना-इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का पता चला।

प्रदेश सरकार ने विधवा महिलाओं, तलाकशुदा और अन्य निराश्रित महिलाओं तथा दिव्यांग दंपत्तियों के बच्चों की शिक्षा के लिए इस योजना के तहत वित्तीय मदद का प्रावधान किया है। इसमें 18 वर्ष की आयु तक एक हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलती है और 18 से 27 वर्ष तक के बच्चों की सरकारी संस्थानों में उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा पर होने वाले खर्चों जैसे-फीस, हॉस्टल और मेस का खर्च भी प्रदेश सरकार देती है।  

वीना देवी ने भी अपने दोनों बच्चों की शिक्षा के खर्चे के लिए आवेदन किया और उनका आवेदन तुरंत मंजूर भी हो गया। एनआईटी से केमिकल इंजीनियरिंग कर रही बेटी साक्षी कौशल को अभी तक इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत लगभग डेढ़ लाख रुपये और बेटे तेजस कौशल को कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पहले सेमेस्टर में ही लगभग 70 हजार रुपये की वित्तीय मदद मिल चुकी है।
 
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए साक्षी और तेजस ने बताया कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना से उन्हें बहुत बड़ी राहत मिली है। इसी योजना के कारण वे आज एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में किसी भी तरह की चिंता के बगैर शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं।
 
उधर, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जिला में 18 वर्ष तक की आयु के 1510 पात्र बच्चों की शिक्षा के लिए इस वर्ष अभी तक 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। जबकि, 18 से 27 वर्ष तक के 162 युवाओं की शिक्षा के लिए भी 18.45 लाख रुपये से अधिक की राशि दी गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow