यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 17-01-2026
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई अपना विद्यालय ( द हिमाचल स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम ) योजना के तहत जिला सिरमौर में शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल की गई है। प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार अब जिला सिरमौर के विभिन्न विभागों के अधिकारी हर महीने नियमित रूप से सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूल को केवल शैक्षणिक संस्थान ही नहीं , बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण , नैतिक विकास और उज्ज्वल भविष्य का केंद्र बनाना है। जिला सिरमौर में इस योजना के अंतर्गत 159 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 23 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 19 राजकीय उच्च विद्यालय, 50 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल किए गए हैं। योजना के तहत जिले के कुल 251 सरकारी स्कूलों को 181 प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन से जोड़ा गया है। योजना के तहत अलग - अलग विभागों के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा राजकीय स्कूल गोद लिए गए हैं।
अधिकारियों द्वारा हर माह अपने निर्धारित स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद किया जा रहा है। छात्रों को नैतिक मूल्यों , अनुशासन, समाज के प्रति जिम्मेदारी , नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त अधिकारी अपने जीवन और सेवा अनुभव साझा कर छात्रों को प्रेरित करते हैं। ’अपना विद्यालय’ योजना में नशा मुक्ति अभियान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों द्वारा बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में सरल भाषा में समझाया जा रहा है, ताकि वे गलत आदतों से दूर रह सकें। साथ ही छात्रों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सामान्य जागरूकता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। स्कूल निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं, छात्रों की उपस्थिति और शैक्षणिक वातावरण का भी अवलोकन करते हैं। यदि कहीं कोई कमी या आवश्यकता पाई जाती है, तो उसके सुधार के लिए सुझाव दिए जा रहे हैं। सरकारी अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों और टिप्पणियों को स्कूल की विजिटर बुक में दर्ज किया जा रहा है, ताकि शिक्षा विभाग समय पर आवश्यक कदम उठा सके।
इस योजना के अंतर्गत स्कूलों में किसी प्रकार के औपचारिक स्वागत या कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। इसका उद्देश्य समय और संसाधनों की बचत करते हुए पूरा ध्यान छात्रों के हित और शिक्षा की गुणवत्ता पर केंद्रित रखना है। सरकारी अधिकारियों द्वारा अपने दौरे की संक्षिप्त रिपोर्ट भी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को प्रस्तुत की जा रही है,जिससे योजना की निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, मंडल स्तरीय अधिकारियों को इस योजना में शामिल किया गया है। इससे शिक्षा विभाग और अन्य विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और स्कूलों को प्रशासनिक सहयोग मिलेगा। राज्य सरकार को विश्वास है कि ’अपना विद्यालय (द हिमाचल स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम )’ से शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा बच्चों को सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलेगी, जिससे वे भविष्य में समाज के जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बन सकेंगें। यह योजना जिले के शैक्षणिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो।