हिमाचल में पिछले तीन वर्षों में डिजिटल फ्राड के 585 मामले दर्ज,सबसे अधिक 59 मामले कांगड़ा में दर्ज
हिमाचल प्रदेश में बीते तीन साल के दौरान साइबर ठगी के 585 मामले दर्ज हुए हैं। एक अरब 50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने 258 आरोपी गिरफ्तार किए और 10.25 करोड़ रुपये की बरामदगी की है। डिजिटल फ्रॉड के सबसे अधिक 59 मामले जिला कांगड़ा में दर्ज
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 29-03-2026
हिमाचल प्रदेश में बीते तीन साल के दौरान साइबर ठगी के 585 मामले दर्ज हुए हैं। एक अरब 50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने 258 आरोपी गिरफ्तार किए और 10.25 करोड़ रुपये की बरामदगी की है। डिजिटल फ्रॉड के सबसे अधिक 59 मामले जिला कांगड़ा में दर्ज हुए।
शनिवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने को सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रदेश के 146 पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। आठ अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 29 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 585 मामले तो दर्ज हुए हैं। कई मामलों में लोग शिकायत भी दर्ज नहीं करवाते। पुलिस जिला बद्दी में 58, सोलन में 41, मंडी में 30, किन्नौर में 28, सिरमौर में 25, शिमला में 17, ऊना में 13, पुलिस जिला नूरपुर में 12, चंबा और कुल्लू में 10-10, पुलिस जिला देहरा में 8, हमीरपुर में 7 और लाहौल-स्पीति में 4 मामले दर्ज हुए हैं।
एक मामला बिलासपुर जिला में दर्ज किया गया है। तीन साइबर क्राइम पुलिस थानों में ही डिजिटल फ्रॉड के 262 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी में 100, धर्मशाला और शिमला में 81-81 मामले दर्ज किए गए हैं।
कुछ मामलों में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत या लापरवाही भी सामने आई है। ऐसे मामलों में चार बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। ठगी की रकम के मामले में साइबर पुलिस स्टेशन शिमला के अंतर्गत सबसे ज्यादा 55 करोड़ 62 लाख 12 हजार 20 रुपये की ठगी दर्ज की गई है। साइबर पुलिस स्टेशन मंडी में 33 करोड़ 64 लाख 32 हजार 848 और साइबर पुलिस स्टेशन धर्मशाला में 25 करोड़ 91 लाख 98 हजार की ठगी दर्ज है।
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