संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में संकल्प : विश्व शांति और समृद्धि के लिए समरस और संगठित हिन्दू समाज का निर्माण

राष्ट्रीय स्वयं संघ के 2 अक्टूबर 2025 को 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठकें बेंगलुरू में आयोजित की गई। इन बैठकों में संघ की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता और हिंदू समाज की सुरक्षा पर विशेष जोर

Mar 28, 2025 - 13:27
Mar 28, 2025 - 13:27
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संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में संकल्प : विश्व शांति और समृद्धि के लिए समरस और संगठित हिन्दू समाज का निर्माण

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    28-03-2025

राष्ट्रीय स्वयं संघ के 2 अक्टूबर 2025 को 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठकें बेंगलुरू में आयोजित की गई। इन बैठकों में संघ की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता और हिंदू समाज की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है साथ ही विश्व शांति व समृद्धि के लिए समरस संगठित हिन्दू समाज का संकल्प लिया है।

संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक प्रभाव, सद्भाव और एकता के संबंध में शिमला में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रांत के संघचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा और प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल ने पत्रकार वार्ता कर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का सारांश मीडिया कर्मियों के समक्ष रखा और कहा कि संघ के 100वें वर्ष में संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। 

संघ की शाखाओं में वृद्धि हो रही है। प्रतिदिन 83,129 शाखाएँ 51,570 स्थानों पर लगती हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 10,000 अधिक है। साप्ताहिक मिलन 32,147, मासिक मंडली 12,091, जबकि कुल (शाखा-मिलन-मंडली) 1,27,367 हैं।हिमाचल प्रदेश में संघ की दृष्टि से कुल जिले 26 हैं, कुल स्थान 737, कुल शाखाएँ 1004, साप्ताहिक मिलन 327 और संघ मंडली 156 हैं। इसके अलावा 260 से अधिक स्थानों पर सफाई कर्मचारियों के लिए भोजन, चिकित्सा जांच और स्वच्छता उपकरण उपलब्ध कराना।

वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं, संतों, संन्यासियों के साथ हो रही लुट पर चिंता जताई और भारत सरकार व UNO से मामला उठाने की बेंगलुरु बैठक में चर्चा हुई है।डॉ. वीर सिंह रांगड़ा ने कहा कि आरएसएस किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि सर्वे भवन्तु सुखिना विचारधारा रखता है। संघ किसी को बांटने की सोच नहीं रखता है। जो भारत माता की जय बोलता है संघ उसके साथ है।

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