सभी विभागों में बदलेगा अनुबंध नियुक्ति का सिस्टम , नए इम्प्लाइज एक्ट में नियमों से हटा दिया है कॉन्ट्रैक्ट प्रावधान

हिमाचल में अब अनुबंध पर सरकारी विभागों में नियुक्तियां होंगी या नहीं? इस पर पहले राज्य सरकार को फैसला लेना होगा। सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम 2024 के कारण ऐसा करना पड़ रहा है। यह चूक कार्मिक विभाग को शिक्षा विभाग में स्कूल प्रवक्ताओं की कमीशन से हुई नई नियुक्ति के बाद पता चली है। यह नियुक्ति कुछ महीने पहले हुई है, जबकि राज्य सरकार ने 20 फरवरी से नए एक्ट को लागू कर दिया है

Apr 21, 2025 - 11:17
Apr 21, 2025 - 11:31
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सभी विभागों में बदलेगा अनुबंध नियुक्ति का सिस्टम , नए इम्प्लाइज एक्ट में नियमों से हटा दिया है कॉन्ट्रैक्ट प्रावधान
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  21-04-2025

हिमाचल में अब अनुबंध पर सरकारी विभागों में नियुक्तियां होंगी या नहीं? इस पर पहले राज्य सरकार को फैसला लेना होगा। सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम 2024 के कारण ऐसा करना पड़ रहा है। यह चूक कार्मिक विभाग को शिक्षा विभाग में स्कूल प्रवक्ताओं की कमीशन से हुई नई नियुक्ति के बाद पता चली है। यह नियुक्ति कुछ महीने पहले हुई है, जबकि राज्य सरकार ने 20 फरवरी से नए एक्ट को लागू कर दिया है। 
इस एक्ट में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में संविदा आधार पर यानी कि कॉन्ट्रैक्ट अप्वाइंटमेंट को निरस्त कर दिया है। इस एक्ट की धारा-8 में कहा गया है कि भर्ती नियमों में कॉन्ट्रैक्ट के लिए जोड़े गए स्तंभ-10 को संशोधित कर संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को नियमितीकरण द्वारा शब्दों से रिप्लेस किया जा रहा है। इस एक्ट के मुताबिक राज्य सरकार के लिए सिर्फ वही कर्मचारी है, जो रेगुलर आधार पर नियुक्त है। इसलिए अनुबंध कर्मचारी अपने इस सेवाकाल की सीनियोरिटी या अन्य लाभ नहीं मांग सकते। 
हालांकि इस अधिनियम की लीगल स्कूटनी अभी कोर्ट में चल रहे कई मामलों में होनी है, लेकिन तब तक राज्य सरकार उस प्रक्रिया के तहत कर्मचारी नहीं रख सकती, जिस प्रक्रिया को पहले ही निरस्त कर दिया गया हो। शिक्षा विभाग में स्कूल लेक्चरर न्यू की नियुक्तियां लोकसेवा आयोग से परीक्षा पास करने के बाद हुई। इसमें कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति पत्र दिया गया और कॉन्ट्रैक्ट साइन भी कर लिया। अब कार्मिक विभाग ने इस पर आपत्ति जताई है। शिक्षा विभाग को मैसेज भेजा गया है कि यदि यह फाइल उनके संज्ञान के लिए आई, तो प्रशासनिक जवाबदेही तय करनी पड़ेगी। 
यह नया एक्ट कार्मिक विभाग में ही सदन में रखा था और इसे नोटिफाई किया। अब इसी विभाग के ऊपर जिम्मेदारी है कि यदि कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति नहीं करनी है, तो नियुक्ति देने की प्रक्रिया क्या हो ? राज्य सरकार ने कार्मिक विभाग के अधिकारियों को गुजरात का दौरा करने को भी कहा था, ताकि वहां की फिक्स्ड सैलरी पॉलिसी का अध्ययन किया जा सके। यदि वर्तमान में जारी प्रक्रिया को ही आगे चलाए रखना है, तो भी कार्मिक विभाग के माध्यम से इस बारे में दिशा निर्देश जारी किया जाना जरूरी है। इसके लिए कर्मचारियों के साथ होने वाले एग्रीमेंट के प्रावधानों को भी बदलना होगा।

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