सुक्खू सरकार ने बेटियों से छीना शगुन योजना का सहारा , बेटी के हाथ पीले करने को मोहताज हुए गरीब परिवार : जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश की बेटियां और गरीब परिवार अपने मौलिक अधिकारों के लिए तरस रहे हैं। हमारे समय में शुरू की गई मुख्यमंत्री शगुन योजना, जिसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी में संबल प्रदान करना था , आज सरकार की उपेक्षा और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। सिरमौर जिले का यह ताजा उदाहरण शर्मनाक है , जहां 193 लाभार्थियों के लगभग ₹60 लाख ट्रेजरी में रोक दिए गए हैं

Jan 18, 2026 - 20:08
Jan 18, 2026 - 20:18
 0  4
सुक्खू सरकार ने बेटियों से छीना शगुन योजना का सहारा , बेटी के हाथ पीले करने को मोहताज हुए गरीब परिवार : जयराम ठाकुर
यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  18-01-2026

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश की बेटियां और गरीब परिवार अपने मौलिक अधिकारों के लिए तरस रहे हैं। हमारे समय में शुरू की गई मुख्यमंत्री शगुन योजना, जिसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी में संबल प्रदान करना था , आज सरकार की उपेक्षा और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। सिरमौर जिले का यह ताजा उदाहरण शर्मनाक है , जहां 193 लाभार्थियों के लगभग ₹60 लाख ट्रेजरी में रोक दिए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा बजट न देना और ट्रेजरी पर अघोषित पाबंदी लगाना यह दर्शाता है कि इस सरकार की प्राथमिकता में गरीब वर्ग है ही नहीं। 
आज स्थिति यह है कि सरकार से मिलने वाले ₹31,000 के शगुन की आस में बैठे परिवारों को शादियों के लिए भारी ब्याज पर ऋण लेना पड़ रहा है। हमारी सरकार ने 'बेटी है अनमोल' और 'शगुन' जैसी योजनाएं भावनात्मक लगाव के साथ शुरू की थीं , ताकि गरीब मां-बाप को बेटी की शादी बोझ न लगे। लेकिन वर्तमान सरकार ने केवल 'बजट का अभाव' बताकर इन पवित्र योजनाओं का गला घोंट दिया है। जब अपनी ही बेटियों के कन्यादान के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो यह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था का पतन है। हम मांग करते हैं कि सरकार तुरंत लंबित राशि जारी करे, अन्यथा भाजपा सड़कों पर उतरकर इन बेटियों के हक की लड़ाई लड़ेगी। 
जयराम ठाकुर ने कहा सत्ता पाने के लिए कांग्रेस के सभी नेताओं ने चौक चौराहे पर महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने की झूठी गारंटी दी और बिना एक पैसा दिए भी देश भर में घूम घूम कर महिलाओं को पैसा देने का झूठ बोल रहे हैं। लेकिन पहले से प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदेश की बेटियों से कोई शुल्क न लेने की जो प्रथा हमने चलाई थी वह भी सरकार ने बंद कर दी है। अब हर प्रतियोगी परीक्षा में आवेदन के नाम पर बेटियों से भी शुल्क वसूला जा रहा है। बेटियों के सशक्तिकरण के लिए उन्हें बेहतर अवसर प्रदान  करने के लिए हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में बेटियों से आवेदन शुल्क समाप्त किया था जो इस सरकार में फिर से जोरों पर चल रहा है। यह बंद होना चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow