अर्की में स्थापित होगा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट , सीधे किसान के हाथ में लाभ देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अर्की विधानसभा क्षेत्र में मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को इसका लाभ मिले। उन्होंने दाड़लाघाट में खंड विकास कार्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया, जिसके लिए पहले अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रक ऑपरेटरों के लिए एक योजना पर भी काम कर रही है जिसके तहत डीज़ल ट्रक को ई-ट्रक में बदलने पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी। इस योजना से दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों को लाभ मिलेगा

Oct 5, 2025 - 16:03
Oct 5, 2025 - 17:37
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अर्की में स्थापित होगा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट , सीधे किसान के हाथ में लाभ देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
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यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन   05-10-2025

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अर्की विधानसभा क्षेत्र में मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को इसका लाभ मिले। उन्होंने दाड़लाघाट में खंड विकास कार्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया, जिसके लिए पहले अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रक ऑपरेटरों के लिए एक योजना पर भी काम कर रही है जिसके तहत डीज़ल ट्रक को ई-ट्रक में बदलने पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी। इस योजना से दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों को लाभ मिलेगा। दाड़लाघाट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दो साल में दूध खरीद मूल्य में 21 रुपए तक की वृद्धि की है ताकि पशुपालन से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि तीन रुपए की दर से गोबर भी किसानों से ख़रीदा जा रहा है। इसके अलावा, प्राकृतिक रुप से उगाई जा रही मक्की, गेहूं, जौ और कच्ची हल्दी को न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीधे किसान के हाथ में लाभ देना चाहती है। आज एक शुरुआत है लेकिन यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। आने वाले समय में किसानों को और लाभ मिलेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए आने वाले समय में एक और योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई योजनाओं के लाभ जानकर लोग फिर पशुपालन से जुड़ेंगे। सुक्खू ने कहा कि मैं गांव से निकलकर मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा हूं, इसलिए उनके दर्द को समझता हूं, योजनाएं बनाता हूं और उन्हें धरातल पर उतारता हूं, इसके लिए नीतिगत बदलाव लाया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार बदलाव ला रही है। हमने कमियों का पता लगाकर उन्हें दूर किया, जिसके कारण शिक्षा में वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर पहुंच चुका हिमाचल प्रदेश आज 5वें स्थान पर पहुंच गया है। भाजपा ने अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में 600 शिक्षण संस्थान खोल दिए, क्योंकि वह राजनीतिक लाभ की दृष्टि से खोले गए थे लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें बंद कर दिया क्योंकि ये तर्कसंगत नहीं थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से आज पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम पढ़ाई शुरू की जा चुकी है। 
अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 सीबीएसई आधारित स्कूल खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार लाया जा रहा है, जबकि पिछली सरकारों ने इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। मेडिकल कॉलेजों में 20-20 साल पुरानी मशीनें लगी हैं, लेकिन किसी ने नई तकनीक लाने के बारे में सोचा तक नहीं। अच्छी जांच मशीनें न होने के कारण मरीज़ की बीमारी बढ़ती है और उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोल रही है। 50 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर दिए गए हैं जहां 5-5 विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं और आने वाले समय में सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों से विशेषज्ञ डॉक्टर लगाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में भी सुधार लाया जा रहा है और एम्स दिल्ली की तरह प्रदेश में भी मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने वर्ष 2023 और 2025 में आपदा का सामना किया और वह स्वयं इस मुश्किल घड़ी में एक-एक परिवार से मिले और प्रभावितों के दुःख को समझ कर मुआवजा प्रदान करने के पुराने नियम बदले। प्रभावितों को फिर से बसाने के लिए विशेष राहत पैकेज के तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों को बनाने के लिए 1.30 रुपये के बजाय अब यह राशि सात लाख रुपये की गई है। 
आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए मिलने वाले मुआवजे को पांच हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। इस वर्ष भी आपदा प्रभावितों को यह राहत पैकेज दिया जा रहा है और घर बनाने के लिए सात लाख रुपए मिलेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री वंचित वर्ग की सेवा कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश देवभूमि होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, इसलिए राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को चिट्टे व अन्य नशों के चंगुल से बचाने के लिए योगदान दें। उन्हें खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि उनकी ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू लीक से हटकर काम कर रहे हैं। गांवों की सुध लेने वाले ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं। वर्तमान राज्य सरकार का नारा है ‘चलो गांव की ओर’ और गांव की आर्थिकी सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। 
उन्होंने कामधेनु संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस संस्था ने गांव की महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य सरकार भी दूध से किसानों की आय को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। कांगड़ा जिला के ढगवार में प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जा रहा है, जहां पर प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की जाएगी, जिसके बनने के बाद से किसानों को लाभ होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि अगर पशु पालक डिस्पेंसरियों तक नहीं आ सकते तो डॉक्टर पशु पालकों के पास जाकर उनके पशुओं की जांच करेंगे। डॉक्टरों को तीन-चार पंचायतों के क्लस्टर बनाकर पशुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं की नस्ल में सुधार भी आवश्यक है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।

स्थानीय विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सचिवालय जाने की परंपरा तोड़कर बालिका आश्रम गए और मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की शुरुआत की, जो उनकी सोच का प्रतीक है। वह आपदा में प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहे और प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना मुख्यमंत्री का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश में हिमाचल प्रदेश ही एकमात्र राज्य है, जिसने दूध के दाम को इतना बढ़ाया है। आज दूध उत्पादकों से किया एक और वादा निभाया है। इस योजना की शुरुआत आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश की तस्वीर बदल देगी और हिमाचल प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से संपन्न होंगे।

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