युवाओं के रोजगार का जरिया बना मत्स्य पालन , मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के तहत 16 युवाओं को मिली सफलता 

हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना मंडी जिले में ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का साधन बन रही है। सहायक निदेशक मत्स्य मंडी नीतू सिंह ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिला मंडी के 16  बेरोजगार युवाओं ने इस योजना को अपनाया और कार्प मछली पालन के माध्यम से अच्छी आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दो और बेरोजगारों को योजना के तहत स्वीकृति मिल चुकी है और दोनों ने अपने तालाबों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। नीतू सिंह ने कहा कि मंडी की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और पर्याप्त जल संसाधन मत्स्य पालन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं

Oct 5, 2025 - 19:06
Oct 5, 2025 - 19:37
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युवाओं के रोजगार का जरिया बना मत्स्य पालन , मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के तहत 16 युवाओं को मिली सफलता 
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  05-10-2025
हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना मंडी जिले में ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का साधन बन रही है। सहायक निदेशक मत्स्य मंडी नीतू सिंह ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिला मंडी के 16  बेरोजगार युवाओं ने इस योजना को अपनाया और कार्प मछली पालन के माध्यम से अच्छी आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दो और बेरोजगारों को योजना के तहत स्वीकृति मिल चुकी है और दोनों ने अपने तालाबों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। नीतू सिंह ने कहा कि मंडी की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और पर्याप्त जल संसाधन मत्स्य पालन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ा जाए ताकि वे स्वरोजगार अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकें। 
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  कार्प मत्स्य पालन योजना वर्ष 2024 से आरंभ की गई है। योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को कार्प मछली पालन के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आय में वृद्धि करना है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब निर्माण की कुल अनुमानित लागत 12 लाख 40 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें तालाब निर्माण हेतु 8 लाख 40 हजार रुपये और इनपुट लागत (जैसे बीज व चारा) हेतु 4 लाख रुपये शामिल हैं। इस लागत का 80 प्रतिशत अनुदान सभी श्रेणियों के लाभार्थियों को प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, जो वर्ष 2020-21 से लागू है, के तहत भी मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 
इस योजना में समान लागत पर सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक की अनुदान सहायता दी जाती है। नीतू सिंह ने बताया कि इन योजनाओं के तहत चयनित युवाओं को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, रोग व फीड  प्रबंधन तथा विपणन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विभाग समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित कर युवाओं को मत्स्य पालन की बारीकियों से अवगत करवा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक बेरोजगार व्यक्ति, जिनके पास स्वयं की उपयुक्त भूमि उपलब्ध है या कम से कम 7 वर्षों की अवधि के लिए भूमि पट्टे पर ली गई हो, सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल मंडी, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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