राष्ट्रीय स्तर की अंडर 14 ताइक्वांडो र्स्पधा में हिमाचल के अर्नव सैनी ने जीता कांस्य पदक

हाल ही में नागालैंड के दिमापुर में संपन हुई अंडर 14 छात्र वर्ग की 69 राष्ट्रीय स्तर की ताईक्वांडो खेल प्रतियोगिता सम्पन हुई। जिसमें हिमाचल प्रदेश  के मेधावी छात्र खिलाड़ी अर्नव सैनी ने ताइक्वांडो -25 किलो भार में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रचा हैं। बता दें कि राष्ट्रीय स्तर की ताईक्वांडो खेल प्रतियोगिता में पहली बार हिमाचल स्कूल स्पोर्टस संघ ने भाग लिया

Nov 1, 2025 - 19:11
Nov 1, 2025 - 19:47
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राष्ट्रीय स्तर की अंडर 14 ताइक्वांडो र्स्पधा में हिमाचल के अर्नव सैनी ने जीता कांस्य पदक
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  01-11-2025
हाल ही में नागालैंड के दिमापुर में संपन हुई अंडर 14 छात्र वर्ग की 69 राष्ट्रीय स्तर की ताईक्वांडो खेल प्रतियोगिता सम्पन हुई। जिसमें हिमाचल प्रदेश  के मेधावी छात्र खिलाड़ी अर्नव सैनी ने ताइक्वांडो -25 किलो भार में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रचा हैं। बता दें कि राष्ट्रीय स्तर की ताईक्वांडो खेल प्रतियोगिता में पहली बार हिमाचल स्कूल स्पोर्टस संघ ने भाग लिया। अंडर 14 ताईक्वांडो में हिमाचल टीम ने अपना उच्चतम प्रदर्शन करते हुए , 25 किलो भार वर्ग में अर्नव सैनी ने पहली राउंड में पंजाब के खिलाड़ी को, दूसरे राउंड में भोपाल के और तीसरे निर्णायक मैच में अर्नव सैनी ने अपना उच्चतम शिखर को प्राप्त करते हुए नागालेंड के खिलाड़ी को पराजित किया। 
इस राष्ट्रीय स्तरीय ताईक्वांडा खेल प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के 10 खिलाड़ियों  ने भाग लिया था, जिसकी कमान जुन्गा क्षेत्र के शारीरिक शिक्षक सुखदेव राणा को सौंपी गई थी। सुखदेव राणा ने कहा की प्रदेश की 14 साल से कम उम्र के बच्चे पहली बार राष्ट्रीय स्तर की टीम का हिस्सा बने है। उन्होने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार हिमाचल ने कांस्य पदक जीत कर अपना इतिहास बना लिया हैं जो पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय हैं। सुखदेव राणा ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर , हिमाचल प्रदेश खेल संघ व शिक्षा निर्देशक आशीष कोहली का आभार व्यक्त किया। 
जिनके सहयोग से हिमाचल के खिलाड़ी ने पहली बार राष्ट्रीय ताइक्वांडो खेल का हिस्सा बने। उन्होने बताया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश के ताईक्वांडो टीम का ‘मिशन चीफ’ बनाया गया। जबकि शारीरिक शिक्षक योगराज को मुख्य कोच और प्रेम चंद्र शर्मा मेनेजर के रूप में अपनी भूमिका निभाई। उन्होने बताया कि  टीम के सभी सदस्यों को सरकार ने हवाई यात्रा की सुविधा दी गई थी जिससे समय की बचत के साथ बच्चों के लिए हवाई यात्रा का सुखद अनुभव रहा।

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