हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधिक अध्ययन संस्थान शिमला में राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पंचवर्षीय विधिक अध्ययन संस्थान शिमला द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्वर्गीय कश्मीर सिंह मेमोरियाल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन हो गया। इसमें लॉ स्कूल बाहरा यूनिवर्सिटी की टीम प्रथम और डोगरा लॉ कॉलेज जम्मू की टीम रही दूसरे स्थान पर पर रही। साथ ही बेस्ट मूटर का खिताब यूआईएलएस पंजाब विश्वविद्यालय की अर्पिता गौतम के नाम रहा

Nov 1, 2025 - 19:07
Nov 1, 2025 - 19:50
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधिक अध्ययन संस्थान शिमला में राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   01-11-2025

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पंचवर्षीय विधिक अध्ययन संस्थान शिमला द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्वर्गीय कश्मीर सिंह मेमोरियाल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन हो गया। इसमें लॉ स्कूल बाहरा यूनिवर्सिटी की टीम प्रथम और डोगरा लॉ कॉलेज जम्मू की टीम रही दूसरे स्थान पर पर रही। साथ ही बेस्ट मूटर का खिताब यूआईएलएस पंजाब विश्वविद्यालय की अर्पिता गौतम के नाम रहा। बेस्ट मेमोरियल का खिताब कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय को दिया गया जबकि बेस्ट रिसर्चर का पुरस्कार सिंबायोसिस लॉ स्कूल पुणे की पूर्वी मित्तल के नाम रहा। पहला स्थान हासिल करने वाली टीम को 21 हजार, उपविजेता टीम को 11 हज़ार, बेस्ट मूटर , बेस्ट मेमोरियल और बेस्ट रिसर्चर को पांच-पांच हजार रुपए की धनराशि और प्रशस्ति पत्र इनाम के तौर पर दिए गए। 
30 अक्टूबर से एक नवंबर, 205 तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित संस्थानों की 24 टीमें  और 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में सिम्बॉयसिस लॉ कॉलेज पुणे , लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर , चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी , क्राइस्ट युनिवर्सिटी दिल्ली , चंडीगढ़ लॉ कॉलेज सीजीसी , आर्मी इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ मोहाली , यूआईइलएस पीयू और पीयू चंडीगढ , पंजाब युनिवर्सिटी रीजनल सेंटर लुधियाना , कैंपस लॉ सेंटर डीयू दिल्ली , एमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली , शेड्स कॉलेज सोलन , भाई गुरुदास लॉ कॉलेज संगरूर, डोगरा लॉ कॉलेज जम्मू एवं एचपीएनएलयू शिमला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने भाग लिया। तीन दिन तक चले इस विधिक कार्यक्रम में देशभर से आये 70 प्रतिभागियों ने राजद्रोह से जुड़े मसले पर अपनी दलीलें पेश की। समापन सत्र में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा ने भावि अधिवक्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि कानून का पेशा अपार संभावनाओं से भरा है। 
बस आपको लगन , मेहनत और इमानदारी से अपना काम करते रहना है। उन्होंने ये भी कहा कि कानून समाज की रीढ़ है। इसलिए कानून की समज होना और कानून के प्रति सम्मान होना भी अति आवश्यक है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय नरेश ठाकुर ने छात्रों को बताया कि हार जीत ज्यादा मायने नहीं रखती है बल्कि किसी भी एसी गतिविधि में हिस्सा लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। संस्थान के निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा ने कहा कि यह एक उत्साह का विषय  है कि संस्थान द्वारा आयोजित इस सफल कार्यक्रम  में देश भर से 24  टीमों ने  हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने संपूर्ण संस्थान परिवार को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 
नैशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता की समन्वयिका डॉ. वीना कुमारी ने बताया कि यह संस्थान का सौभाग्य है कि संस्थान के परिसर में देश भर से आए 70  कानून के छात्र राजद्रोह जैसे अहम विषय पर गहन विमर्श किया और यह भी कहा कि कोई भी शैक्षिक प्रतियोगिता जय-पराजय के परे होती है। राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के फिनाले दौर का मूल्यांकन विधिक क्षेत्र से जुड़ी नामी हिस्तायों ने किया जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता , हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय नरेश ठाकुर , वरिष्ठ अधिवक्ता हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय , पियुष वर्मा , अध्यक्ष हिमाचल उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन हमिंदर चंदेल और प्रो. रूना मेहता शामिल थे। इस दौरान नैशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता संयोजिका डॉ. संगीता ठाकुर , आयोजक सचिव डॉ. अनिकेत शर्मा के अतिरिक्त संस्थान के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

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