शिमला के 2032 गांवों को ड्रोन सर्वेक्षण सम्पन्न , 158 गांवों में सर्वेक्षण होना शेष : उपायुक्त
शिमला के 2032 गांवों को ड्रोन सर्वेक्षण सम्पन्न , 158 गांवों में सर्वेक्षण होना शेष : उपायुक्त
स्वामित्व योजना के तहत जिला शिमला में 2032 आबादीदेह गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि अभी 158 गांवों का सर्वेक्षण शेष है। उपायुक्त ने कहा कि स्वामित्व योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट मालिकाना हक देना है। इस योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी आबादी वाली जमीन का कानूनी स्वामित्व प्रदान करना और भूमि विवादों को कम करना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से इस योजना को ग्रामीण विकास और भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अपनाया है।
2032 गावों में हो चुका है ड्रोन सर्वेक्षण
जिला की तहसील और उप तहसीलों में ड्रोन सर्वेक्षण पूर्ण किया जा चुका है। इनमें धामी के तहत 133 गांव, शिमला ग्रामीण के 303, सुन्नी के 97, जुंन्गा के 46, जलोग के 40, ठियोग के 280, देहा के 55, कोटखाई के 125, कलबोग के 41, चैपाल के 119, नेरवा के 138, कुपवी के 48, जुब्बल के 48, सरस्वती नगर के 41, रोहड़ू के 72, टिक्कर के 26, चिढ़गांव के 35, जांगला के 37, ननखड़ी के 51, तकलेच के 35, सराहन के 15, रामपुर के 73, कोटगढ़ के 47, कुमारसैन के 102, डोडरा क्वार के 6 और धमबाड़ी के 19 आबादीदेह गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।
158 गावों में होना है अभी ड्रोन सर्वेक्षण
जिला की तहसील और उपतहसील जिनमें ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है। इनमें धामी के तहत 2 गांव, शिमला ग्रामीण के 29, जुंन्गा के 8, जलोग के 4, देहा के 17, कोटखाई के 15, कलबोग के 5, चैपाल के 11, नेरवा के 5, रोहड़ू के 8, टिक्कर के 3, जांगला के 7, ननखड़ी के 7, तकलेच के 7, सराहन के 1, रामपुर के 5, कोटगढ़ 1, कुमारसैन के 21 और डोडरा क्वार के 2 आबादीदेह गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना शेष है।
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