शिमला के 2032 गांवों को ड्रोन सर्वेक्षण सम्पन्न , 158 गांवों में सर्वेक्षण होना शेष : उपायुक्त

शिमला के 2032 गांवों को ड्रोन सर्वेक्षण सम्पन्न , 158 गांवों में सर्वेक्षण होना शेष : उपायुक्त

Mar 6, 2026 - 19:23
 0  9
शिमला के 2032 गांवों को ड्रोन सर्वेक्षण सम्पन्न , 158 गांवों में सर्वेक्षण होना शेष : उपायुक्त
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  06-03-2023

स्वामित्व योजना के तहत जिला शिमला में 2032 आबादीदेह गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि अभी 158 गांवों का सर्वेक्षण शेष है। उपायुक्त ने कहा कि स्वामित्व योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट मालिकाना हक देना है। इस योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी आबादी वाली जमीन का कानूनी स्वामित्व प्रदान करना और भूमि विवादों को कम करना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से इस योजना को ग्रामीण विकास और भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अपनाया है। 
स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन तकनीक का उपयोग करके गांवों की आबादी भूमि का सटीक सर्वेक्षण किया जाता है। इस सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक घर और संपत्ति की सीमा निर्धारित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण सफलतापूर्वक किया गया है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद लोगों को उनकी संपत्ति के प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किए जाते हैं। यह प्रॉपर्टी कार्ड उनके घर या जमीन के स्वामित्व का आधिकारिक प्रमाण होता है। इससे ग्रामीण लोगों को बैंक से ऋण लेने, संपत्ति का लेन-देन करने और कानूनी सुरक्षा प्राप्त करने में आसानी होती है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन में भारतीय सर्वेक्षण विभाग, पंचायती राज विभाग और प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। ड्रोन द्वारा एकत्रित आंकड़ों को आधुनिक तकनीक की सहायता से डिजिटल मैप में परिवर्तित किया जाता है। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर इन नक्शों का सत्यापन किया जाता है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
उन्होंने कहा कि इस योजना से जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले रहे हैं। सबसे पहले, इससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आई है क्योंकि संपत्ति की सीमाएं स्पष्ट रूप से दर्ज हो जाती हैं। दूसरा, ग्रामीण लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है क्योंकि वह अपने प्रॉपर्टी कार्ड को बैंक में गिरवी रखकर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। तीसरा, पंचायतों को संपत्ति कर निर्धारित करने में भी सुविधा मिलती है जिससे स्थानीय विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा, स्वामित्व योजना डिजिटल इंडिया और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है, जो भविष्य में ग्रामीण योजना निर्माण और विकास कार्यों में सहायक होता है।



 2032 गावों में हो चुका है ड्रोन सर्वेक्षण

जिला की तहसील और उप तहसीलों में ड्रोन सर्वेक्षण पूर्ण किया जा चुका है। इनमें धामी के तहत 133 गांव, शिमला ग्रामीण के 303, सुन्नी के 97, जुंन्गा के 46, जलोग के 40, ठियोग के 280, देहा के 55, कोटखाई के 125, कलबोग के 41, चैपाल के 119, नेरवा के 138, कुपवी के 48, जुब्बल के 48, सरस्वती नगर के 41, रोहड़ू के 72, टिक्कर के 26, चिढ़गांव के 35, जांगला के 37, ननखड़ी के 51, तकलेच के 35, सराहन के 15, रामपुर के 73, कोटगढ़ के 47, कुमारसैन के 102, डोडरा क्वार के 6 और धमबाड़ी के 19 आबादीदेह गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।


158 गावों में होना है अभी ड्रोन सर्वेक्षण

जिला की तहसील और उपतहसील जिनमें ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है। इनमें धामी के तहत 2 गांव, शिमला ग्रामीण के 29, जुंन्गा के 8, जलोग के 4, देहा के 17, कोटखाई के 15, कलबोग के 5, चैपाल के 11, नेरवा के 5, रोहड़ू के 8, टिक्कर के 3, जांगला के 7, ननखड़ी के 7, तकलेच के 7, सराहन के 1, रामपुर के 5, कोटगढ़ 1, कुमारसैन के 21 और डोडरा क्वार के 2 आबादीदेह गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना शेष है।
 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow