उप-मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में फहराया तिरंगा

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आज शिमला के रिज मैदान पर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने की। उप-मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर भव्य परेड की सलामी ली जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर आशीष कौशल ने किया

Aug 15, 2025 - 15:33
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उप-मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में फहराया तिरंगा
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   15-08-2025

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आज शिमला के रिज मैदान पर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने की। उप-मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर भव्य परेड की सलामी ली जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर आशीष कौशल ने किया।  उन्होंने कहा कि आज हम सब स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। 

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि ने भी स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। हमारे वीर जवानों ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई बल्कि स्वतंत्रता के बाद भी राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में अपनी वीरता का परिचय दिया है। यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश के वीर सपूतों को देश सेवा के लिए 4 परमवीर चक्र, 2 अशोक चक्र, 10 महावीर चक्र और 24 कीर्ति चक्रों से नवाज़ा गया है। 

देश का पहला परमवीर चक्र, प्रदेश के वीर सपूत मेजर सोमनाथ शर्मा को प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त, कर्नल डी.एस. थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा, सूबेदार मेजर संजय कुमार को उनके शौर्य व बलिदान के लिए परमवीर चक्र से नवाज़ा गया। आइए हम सब मिलकर राष्ट्रीय ध्वज को नमन करें। हमें अपने अतीत की गौरव गाथा से प्रेरणा लेते हुए भविष्य को उज्जवल बनाने का संकल्प लेना होगा। विकास के पथ पर हिमाचल प्रदेश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और यह यात्रा निरंतर जारी है। 

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश जब अस्तित्व में आया, उस समय साधनों की कमी सहित कई चुनौतियां थी। लेकिन हिमाचल लग्न, परिश्रम एंव बुलंद हौसलों के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि हिमाचल आज दूसरे पहाड़ी राज्यों के लिए विकास का आदर्श का मॉडल बनकर उभरा है। वर्ष 2023 में हिमाचल ने गम्भीर प्राकृतिक आपदा का सामना किया। इससे उबरने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से आपदा राहत पैकेज वितरित किया। 

उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए ई-टैक्सी योजना शुरू हुई, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत अभी तक 75 लाभार्थियों को अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने पर बल दे रही है। इसके तहत, निजी भूमि पर 100 से 500 किलोवाट तक के सौर संयंत्र लगाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। 

सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों का भुगतान के लिए 153 करोड़ जारी किए। जिसमे पिछली भाजपा सरकार की 90 करोड़ रुपये की देनदारी भी शामिल है। किसानों और बागवानों को सेब कीटनाशकों और उर्वरकों पर मिलने वाली सब्सिडी को पिछली भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इसे बहाल कर दिया है। 

कांग्रेस की राज्य सरकार ने सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिससे सेब का समर्थन मूल्य अब 12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली को लागू किया गया है, जिससे बागवानों को उनकी उपज के अच्छे दाम मिल सके। 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला प्रदेश का अहम जिला है। 

शिमला शहर में 1734.70 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे लंबा और दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे बनने जा रहा है, जिसकी लम्बाई 13.79 किलोमीटर होगी। यह परियोजना स्वीकृति के अंतिम चरण पर है और अगामी सालों में इसे जमीनी हकीकत में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। यह परियोजना 4 साल में पूरी हो सकेगी। 

इसके अतिरिक्त शिमला शहर में 50 करोड़ रुपये की लागत के 19 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन रहे है, जिसमें लिफ्ट और एस्कलेटर इत्यादि शामिल हैं। जाखू मंदिर में एस्केलेटर की सुविधा प्रदान की है और आने वाले समय मे ही जाखू मंदिर सौदर्यकरण योजना शुरू करेगें। उन्होंने बताया कि शिमला शहर को शुद्ध पानी देने के लिए व्यापक योजनाओं पर काम चल रहा है। 

सतलुज नदी से शिमला को पानी देने के लिए 587 करोड़ रूपये की योजना तैयार है और इसी महीने इसकी टेस्टिंग शुरू की जाएगी, जबकि शिमला शहर के भीतर 24 घण्टे पानी देने लिए 872 करोड़ रूपये की योजना पर काम चल रहा है जिसे 2028 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। 

ठियोग क्षेत्र के लिये प्रदेश की सबसे बड़ी कुरपण खड्ड पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य लगभग 315 करोड़ की लागत से युद्ध स्तर पर जारी है। इसके पश्चात, उपमुख्यमंत्री ने चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत इन योजनाओं का सन्देश देते गुब्बारे आसमान में छोड़े। 

इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, विधायक शिमला शहरी हरीश जनारथा, विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, विधायक रोहड़ू मोहन लाल ब्राक्टा, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम केहर सिंह खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छाजटा, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक देवेंदर श्याम, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, सचिव जल शक्ति विभाग राखिल काहलों, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग रीमा कश्यप, सैन्य अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। 

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