झुलसा रोग की चपेट में आने से आलू की फसल बर्बाद, किसानों को करोड़ों का नुकसान 

प्रदेश के कृषि प्रधान जिला ऊना में जहां आलू की फसल के अच्छे मूल्य मिलने से किसानों में उत्साह का माहौल बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बीमारियों की मार के कारण किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। कई किसानों की आलू की फसल झुलसा रोग की चपेट में आने के कारण बर्बाद

Nov 10, 2024 - 11:06
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झुलसा रोग की चपेट में आने से आलू की फसल बर्बाद, किसानों को करोड़ों का नुकसान 
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यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना   10-11-2024

प्रदेश के कृषि प्रधान जिला ऊना में जहां आलू की फसल के अच्छे मूल्य मिलने से किसानों में उत्साह का माहौल बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बीमारियों की मार के कारण किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। कई किसानों की आलू की फसल झुलसा रोग की चपेट में आने के कारण बर्बाद हो गई है। ऐसे में किसानों के खेतों से फसल की पैदावार नाममात्र ही निकल रही है।

हालांकि फसल के मूल्यों की बात करें, तो जिन किसानों की फसल अच्छी निकल रही है, वे मानो कि मिट्टी से चांदी निकाल रहे हैं, परंतु जिन किसानों की फसल को बीमारियों की मार पड़ी है, उन किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इन दिनों जमींदारों को आलू की फसल में 3000 से 3600 रुपए प्रति क्विंटल आलू की फसल के मूल्य मिल रहे हैं। 

कृषि विभाग के अनुसार जिला ऊना में इस सीजन 1700 से 1800 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र में आलू की फसल की बिजाई हुई है। जहां से करीब 35 हजार मीट्रिक टन आलू की फसल की पैदावार होती है। गौर हो कि इस वर्ष किसानों ने आलू की फसल की बिजाई के लिए 2500 रुपए प्रति क्विंटल बीज की खरीदारी की है। कई किसान ऐसे भी हैं। 

जिन्होंने विभिन्न कंपनियों से 3000 रुपए प्रति क्विंटल भी आलू का बीज खरीदा है। अगर पिछले वर्ष के सीजन की बात करें, तो किसानों ने 1400 से 1460 रुपए तक प्रति क्विंटल आलू का बीज खरीदा था। देश के करीब एक दर्जन राज्यों में ऊना के आलू की पैदावार को व्यापारियों द्वारा निर्यात किया जाता है, जिसमें प्रदेश सहित पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई, हरियाणा, चेन्नई, असम, यूपी, बिहार, उत्तराखंड आदि राज्य शामिल हैं। 

हरोली के लोअर बढ़ेडा के किसान बख्शी की 14 कनाल भूमि से मात्र 35 क्विंटल आलू की पैदावार हुई है। सलोह के किसान की 23 कनाल भूमि से साढ़े 22 क्विटंल आलू की पैदावार हुई है। एक अन्य किसान की 45 कनाल भूमि से मात्र 53 क्विंटल आलू निकला है। इन सभी किसानों के खेतों में झुलसा रोग की मार रही है। वहीं, कृषि उपनिदेशक डा. कुलभूषण धीमान ने कहा कि झुलसा रोग के कारण कई किसानों की आलू की फसल प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

आलू की फसल में झुलसा रोग के लक्षण यह होते कि पौधों की पत्तियों पर गहरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। पत्तियों के किनारे वाला ऊपरी हिस्सा हल्का नीला-सा हो जाता है और फिर मटमैला हरापन ले लेता है। पत्तियों पर जलीय धब्बे बनते हैं, जो बाद में गहरे भूरे और बैंगनी रंग में बदल जाते हैं। पत्तियों की निचली सतह पर फफूंदी की परत जम जाती है। 

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