प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों के लिए हाईकोर्ट पहुंचा टीचर टेस्ट का मामला, नोटिस जारी
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों के चयन के लिए अनिवार्य परीक्षा करवाने के सरकार के फैसले को लेकर विवाद बढ़ गया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 03-03-2026
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों के चयन के लिए अनिवार्य परीक्षा करवाने के सरकार के फैसले को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट ने सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई जिसमें प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया गया है।
यह मामला न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। याचिका में राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसके तहत सीबीएसई पैटर्न वाले सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को टेस्ट पास करना अनिवार्य किया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि पहले से कार्यरत अध्यापकों से परीक्षा लेना अनुचित है और इससे उनकी सेवा शर्तों पर असर पड़ेगा। ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट का तर्क है कि शिक्षक नियमित चयन प्रक्रिया से नियुक्त किए गए हैं और वर्षों से सेवा दे रहे हैं। ऐसे में सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने के लिए अलग से परीक्षा लेना नियमों के विरुद्ध है।
सरकार ने सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से शिक्षकों की स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयन की योजना बनाई है। इसके तहत योग्य शिक्षकों को ही सीबीएसई स्कूलों में तैनात करने की बात कही गई थी।
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