छात्रावासों में अव्यवस्था पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रहार: अध्यादेशों की अवहेलना तत्काल बंद करे प्रशासन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावासों में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं एवं विश्वविद्यालय अध्यादेशों की लगातार हो रही अवहेलना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रावास विद्यार्थियों के सुरक्षित, अनुशासित एवं शैक्षणिक वातावरण के लिए बनाए गए हैं, किंतु वर्तमान समय में छात्रावासों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक होती जा रही है। प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्रावासों में अवैध रूप से रहने वाले व्यक्तियों का प्रवेश बढ़ रहा है, जिससे न केवल छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि वहां रहने वाले विद्यार्थियों में भी भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। यह स्थिति विश्वविद्यालय की गरिमा एवं छात्र हितों के विपरीत है।
परिषद ने छात्रावासों में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्न उठाए हैं। विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क देने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता में लगातार गिरावट, स्वच्छता का अभाव तथा भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी न होना छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
परिषद का कहना है कि कई बार विद्यार्थियों द्वारा इस विषय को प्रशासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अभाविप ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि ऐसे विद्यार्थियों को भी छात्रावासों में प्रवेश एवं आवास की सुविधा प्रदान की जा रही है जिनके विरुद्ध गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज है। यदि विश्वविद्यालय के अध्यादेश एवं नियम ऐसे मामलों में स्पष्ट प्रावधान रखते हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी कर ऐसे व्यक्तियों को छात्रावास में रहने की अनुमति देना न केवल विश्वविद्यालय के अध्यादेशों की खुली अवहेलना है, बल्कि इससे छात्रावासों का अनुशासन एवं सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का दायित्व केवल छात्रावासों का संचालन करना नहीं, बल्कि वहां एक सुरक्षित, अनुशासित एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना भी है। यदि प्रशासन स्वयं अपने बनाए नियमों एवं अध्यादेशों का पालन नहीं करेगा तो विद्यार्थियों का विश्वास विश्वविद्यालय की व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है।
अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि छात्रावासों में अवैध प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए, छात्रावासों की नियमित जांच की जाए, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए तथा विश्वविद्यालय अध्यादेशों के अनुरूप ही छात्रावासों में प्रवेश एवं आवास की प्रक्रिया संचालित की जाए। साथ ही जिन मामलों में नियमों की अवहेलना हुई है, उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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