विधायक निधि नहीं मिलने पर विधानसभा गरमाया सदन,सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जताया विरोध  

विधायक निधि नहीं मिलने पर बुधवार को विधानसभा सदन गरमाया रहा। भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया

Feb 18, 2026 - 18:48
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विधायक निधि नहीं मिलने पर विधानसभा गरमाया सदन,सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जताया विरोध  
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   18-02-2026

विधायक निधि नहीं मिलने पर बुधवार को विधानसभा सदन गरमाया रहा। भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि बिना वित्तीय शक्तियों के हालात में रहने का क्या फायदा है। क्या मैं इस्तीफा दे दूं। 

सरकार ने विधायक निधि रोक कर विधायकों को जीरो कर दिया है। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के समय हुए नुकसान की भरपाई के लिए विधायकों ने कई घोषणाएं की हैं। सरकार ने अब पैसा जारी करना बंद कर दिया है। पारित बजट भी नहीं दिया जा रहा। 31 मार्च से पहले यह राशि जारी होनी चाहिए।

जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 1.10 करोड़ रुपये के टोकन जल्द जारी कर दिए जाएंगे। आरडीजी पर चर्चा के बाद नेता विपक्ष सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा विधायकों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। कितना पैसा दिया जा सकता है। ट्रेजरी के क्या हाल हैं। इसको लेकर बैठक में स्थिति स्पष्ट की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी विधायक आरडीजी के मामले पर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले। उधर, जोगिंद्रनगर से भाजपा विधायक प्रकाश राणा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक ने विकास कार्यों पर खर्च करने की जगह 543 महिला मंडलों को राशि क्यों दे दी। प्रावधान है कि कुल निधि का दस फीसदी ही इस प्रकार से बांटा जा सकता है। इसके बावजूद विधायक ने महिला मंडलों को पैसा दे दिया।

महिला मंडलों को पैसा देना गलत नहीं है लेकिन जो विकास कार्य अधूरे हैं, वहां यह राशि खर्च करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि विधायक प्रकाश राणा को वित्तीय तौर पर समर्थ हैं। ऐसे में उन्हें दान के तौर पर अपनी ओर से महिला मंडलों को पैसा देना चाहिए। विधायक निधि को विकास के काम पर खर्च करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने का सीधा असर राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष की विधायक निधि और ऐच्छिक निधि जारी करने पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का नहीं, बल्कि प्रदेश के हित और विकास का प्रश्न है।

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