अभिभावकों पर फिर पड़ी महंगाई की मार, शिक्षा बोर्ड ने बढ़ाई किताबों की कीमतें

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में चौथी से छठी कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को किताबों के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इन कक्षाओं की पाठ्य पुस्तकों के दामों में 10 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की

Jan 5, 2026 - 12:39
Jan 5, 2026 - 14:06
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अभिभावकों पर फिर पड़ी महंगाई की मार, शिक्षा बोर्ड ने बढ़ाई किताबों की कीमतें

यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला    05-01-2026

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में चौथी से छठी कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को किताबों के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इन कक्षाओं की पाठ्य पुस्तकों के दामों में 10 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इन कक्षाओं में एनसीईआरटी का नया सिलेबस लागू किया जा रहा है और पाठ्यक्रम पूरी तरह बदल दिया गया है। 

बोर्ड के अनुसार चौथी, पांचवीं और छठी कक्षा के लिए इस बार पूरी तरह नई पाठ्य पुस्तकें तैयार करवाई गई हैं। एनसीईआरटी की ओर से किए गए बड़े बदलावों के चलते किताबों की दोबारा डिजाइनिंग और छपाई करवानी पड़ी। प्रिंटिंग लागत बढ़ने का सीधा असर पाठ्य पुस्तकों की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, कुछ किताबों के दाम घटाए भी गए हैं, लेकिन कुल मिलाकर इन कक्षाओं में पढ़ाई महंगी हो गई है। 

वहीं, सातवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। इन कक्षाओं के सिलेबस में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में अधिकतर पाठ्य पुस्तकें पिछले वर्ष के दामों पर ही उपलब्ध होंगी। केवल कुछ किताबों के दामों में आंशिक बढ़ोतरी की गई है। बोर्ड की ओर से सभी कक्षाओं की पुस्तकों के नए मूल्य तय कर दिए गए हैं। 

चौथी कक्षा की वीणा-2, मैथ्स मेला और छठी कक्षा की विज्ञान व भाषा से जुड़ी कुछ पुस्तकों के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। नई कीमतें लागू होने से छोटी कक्षाओं के बच्चों के अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि कुछ पाठ्यपुस्तकों की लागत बढ़ने के कारण उनके दाम बढ़ाने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश किताबें विद्यार्थियों को पुराने दामों पर ही उपलब्ध करवाई जाएंगी और केवल कुछ ही पुस्तकों में आंशिक वृद्धि की गई है।

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