हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू,उपायुक्तों ने मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया शुरू

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार जिला उपायुक्तों ने मतदाता सूचियों का प्रकाशन शुरू

Jan 31, 2026 - 11:54
Jan 31, 2026 - 12:00
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हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू,उपायुक्तों ने मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया शुरू

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    31-01-2026

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार जिला उपायुक्तों ने मतदाता सूचियों का प्रकाशन शुरू कर दिया है। जिला उपायुक्त कार्यालय शिमला ने शुक्रवार शाम पांच बजे मतदाता सूची जारी कर दी है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं अब वह 2 रुपये देकर पंचायत सचिव और बीडीओ कार्यालय में अपने वोट बना सकेंगे। 

पंचायतों में दो रुपये और शहरी निकाय में 50 रुपये देकर लोग वोट बना सकेंगे। चुनाव शेड्यूल जारी होने तक नए मतदाता अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकेंगे। जो सूची सार्वजनिक हो चुकी है, उससे नाम नहीं हटेंगे। हिमाचल प्रदेश में 3577 पंचायतें हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक हिमाचल पंचायत एरिया में 55 लाख से ज्यादा वोटर हैं। 

नए वोटर बनने से यह संख्या बढ़ेगी। दूसरे, हिमाचल की 31 पंचायतें ऐसी हैं जिनका पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन किया जा चुका है। इसकी फाइल भी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई है। मंजूरी मिलने का बाद इन्हें पब्लिक डोमेन में लाकर जनता से 15 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे जाने हैं। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल तक पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने का आदेश दिया है। 28 फरवरी को आयोग की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दिया जाना है। 

राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि नई पंचायतों बनाने पर कोई एतराज नहीं है। 29 पंचायतों को छोड़कर 3,548 पंचायतों की मतदाता सूची तैयार है। इन्हें सिर्फ सार्वजनिक करना है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने कहा कि उपायुक्तों को 30 जनवरी तक मतदाता सूचियों के प्रकाशन करने का समय दिया है।

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के कार्यकाल का आज अंतिम दिन है। 1 फरवरी से पंचायतीराज संस्थाओं की शक्तियां प्रशासकों के पास जाएंगी। सरकार की ओर से प्रशासकों की तैनाती की जानी है। पंचायती राज विभाग की ओर से फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है। इसमें पंचायतीराज विभाग की ओर से प्रशासक लगाने के लिए इसमें दो तरीके बताए गए हैं। इसमें पंचायतों की शक्तियां या तो पंचायत सचिव या फिर कमेटी को सौंपी जाए। 

जिला परिषद की शक्तियां एडीसी और पंचायत समितियों की शक्तियां बीडीओ को दिए जाने पर विचार चल रहा है। एक फरवरी से अब पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी मोहरों का भी कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। पंचायतों में विकास कार्यों की देखरेख से लेकर नई कार्य प्रशासक कराएंगे। उधर, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शनिवार को पंचायतों में प्रशासक लगाने की अधिसूचना जारी हो जाएगी।

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