सीएम के दिल्ली दौरे से जुड़ा एजेंडा साफ, बजट से लेकर आपदा राहत और सेब उद्योग पर केंद्र से होगी अहम बातचीत

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति, आगामी बजट और आपदा से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे

Jan 15, 2026 - 15:04
Jan 15, 2026 - 15:19
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सीएम के दिल्ली दौरे से जुड़ा एजेंडा साफ, बजट से लेकर आपदा राहत और सेब उद्योग पर केंद्र से होगी अहम बातचीत

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    15-01-2026

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति, आगामी बजट और आपदा से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे। नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2023 और 2024–25 के दौरान भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। 

लगातार दो वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। इस नुकसान की भरपाई को लेकर राज्य सरकार लगातार भारत सरकार से बातचीत कर रही है और यह मुद्दा आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आगामी बजट को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष राज्य की प्राथमिकताएं रखेंगे। यह एक महत्वपूर्ण बैठक है, जिससे उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से भी मुलाकात प्रस्तावित है।

नरेश चौहान ने कहा कि हाल ही में भारत सरकार द्वारा न्यूजीलैंड के साथ किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जाहिर की है। इस समझौते के तहत इंपोर्ट ड्यूटी कम किए जाने से हिमाचल प्रदेश जैसे फल उत्पादक राज्यों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। सेब सहित अन्य फलों की अर्थव्यवस्था करीब 5 से 6 हजार करोड़ रुपये की है, जिससे सीधे तौर पर 3 से 4 लाख परिवार जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को वह वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री और आने वाले समय में प्रधानमंत्री के समक्ष भी रखेंगे। बाहर से आने वाले सेब—चाहे वह न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका या भविष्य में किसी अन्य देश से हो—उसके लिए एक स्पष्ट नीति बनाने की जरूरत है, ताकि प्रदेश की फल उत्पादक अर्थव्यवस्था और किसानों के रोजगार को सुरक्षित किया जा सके।

इसके अलावा नरेश चौहान ने प्रदेश में लगातार हो रही अग्निकांड की घटनाओं पर भी दुख जताया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश में बेहद दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। सोलन जिले के अर्की बाजार में लगी आग में नौ लोगों की जान चली गई। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन सभी को बचाया नहीं जा सका। 

सरकार मैन्युअल के अनुसार पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में भी एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ, जिसमें एक ही परिवार के छह लोगों और उनके घर आए मेहमानों की जलकर मौत हो गई। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है। 

नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी के घर होने के कारण आग लगने की घटनाओं में नुकसान अधिक होता है। गर्मियों के मौसम में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए सरकार ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाने और एहतियाती कदम उठाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ये दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

आईपीएस और आईएएस अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात के मुद्दे पर नरेश चौहान ने कहा कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी है। अधिकारियों के जो भी सुझाव और मुद्दे सामने आए हैं, सरकार उन पर गंभीरता से विचार करेगी।

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