ऊना में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों का अवैध कटान,करोड़ों में आंकी जा रही कटे पेड़ों की कीमत
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की झंबर पंचायत में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। दो-तीन दिनों के भीतर वन माफिया ने खैर के करीब 1,000 पेड़ों को काटकर जंगल को लगभग साफ कर दिया
यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना 19-03-2026
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की झंबर पंचायत में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। दो-तीन दिनों के भीतर वन माफिया ने खैर के करीब 1,000 पेड़ों को काटकर जंगल को लगभग साफ कर दिया। कटे पेड़ों की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। लोगों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कटान होने के बावजूद वन विभाग को भनक तक नहीं लगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी विभाग को जंगल में माफिया की सक्रियता के बारे में आगाह किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब ग्रामीणों की नजर जंगल पर पड़ी तो बड़ी संख्या में खैर के पेड़ कटे मिले। झंबर पंचायत के संजय कुमार, बलवान सिंह, सुनीता देवी, लीला देवी और विजय कुमार ने बताया कि गांव की आबादी के साथ सटा यह सरकारी जंगल पहले घना था, जिसमें खैर के पेड़ बड़ी संख्या में मौजूद थे।
माफिया ने रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से कटान को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जंगल की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और वन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, कटान की सूचना मिलने के बाद बुधवार देर शाम वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा रैकेट आपसी सांठगांठ से संचालित हो रहा है। यही वजह है कि इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी का कटान होने के बावजूद यह बिना किसी रोक-टोक के गायब हो गई।
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