डीआईजी सौम्या सांबशिवन की अगुवाई वाली चार सदस्यीय एसआईटी करेगी संदिग्ध भूमि सौदों की जांच

हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा गगल एयरपोर्ट और गगरेट के आसपास हुए कथित बेनामी जमीन के लेन-देन और संदिग्ध सौदों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में डीआईजी सौम्या सांबशिवन को अध्यक्ष, एसपी सीडब्ल्यूओ पुलिस मुख्यालय रमन शर्मा, डीएसपी प्रताप ठाकुर 6वीं आईआरबीएन और निरीक्षक कमलेश साइबर क्राइम , धर्मशाला को सदस्य बनाया गया है। डीजीपी अशोक तिवारी ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं

Feb 19, 2026 - 13:51
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  19-02-2026

हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा गगल एयरपोर्ट और गगरेट के आसपास हुए कथित बेनामी जमीन के लेन-देन और संदिग्ध सौदों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में डीआईजी सौम्या सांबशिवन को अध्यक्ष, एसपी सीडब्ल्यूओ पुलिस मुख्यालय रमन शर्मा, डीएसपी प्रताप ठाकुर 6वीं आईआरबीएन और निरीक्षक कमलेश साइबर क्राइम , धर्मशाला को सदस्य बनाया गया है। डीजीपी अशोक तिवारी ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। 
एसआईटी संदिग्ध बेनामी स्वामित्व , अनियमित भूमि लेनदेन और भूमि अधिग्रहण व हस्तांतरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग की जांच करेगी। यह जांच हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्मस एक्ट, 1972 की धारा 118 के तहत भूमि खरीद-फरोख्त में संभावित अनियमितताओं को लेकर की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि सरकार को विश्वसनीय सूचनाएं और सामग्री प्राप्त हुई है, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्रों में विशेषकर जहां विकास परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदी या अधिग्रहित की जा रही है, वहां बेनामी स्वामित्व और संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। 
गगल एयरपोर्ट के आसपास कांगड़ा क्षेत्र और ऊना के गगरेट इलाके में ऐसे मामलों की विशेष रूप से जांच की जाएगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि धारा 118 के तहत भूमि हस्तांतरण और खरीद पर सख्त नियम लागू हैं। इन नियमों का उल्लंघन या दुरुपयोग न हो, इसके लिए गहन जांच जरूरी है। पारदर्शिता , वैधता और जन विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से एक समर्पित और विशेषज्ञ अधिकारियों वाली एसआईटी गठित की गई है, जो समयबद्ध और समन्वित जांच करेगी। 
कार्यालय आदेश के अनुसार, एसआईटी को विस्तृत जांच तीन माह के भीतर पूरी करनी होगी। इसके अलावा जांच की प्रगति पर साप्ताहिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। एसआईटी संदिग्ध बेनामी स्वामित्व, अनियमित भूमि लेनदेन और भूमि अधिग्रहण व हस्तांतरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग की जांच करेगी। इसके अलावा एसआईटी आवश्यक होने पर कानूनी, आपराधिक या प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश भी करेगी।

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