प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की कर रहे नौटंकी : संदीपनी

भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा आरडीजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा और आक्रामक पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की नौटंकी कर र

Feb 4, 2026 - 15:36
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प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की कर रहे नौटंकी : संदीपनी
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   04-02-2026

भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा आरडीजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा और आक्रामक पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की नौटंकी कर रहे हैं, जबकि हिमाचल की वित्तीय बदहाली की असली वजह कांग्रेस सरकार की भ्रष्ट, निकम्मी और लूट आधारित नीतियां हैं।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू आरडीजी बंद होने का रोना रोकर जनता की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह जवाब देना चाहिए कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को जो हजारों करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न योजनाओं के तहत भेजी, उसका उपयोग विकास कार्यों में क्यों नहीं हुआ?उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में फंड्स का ऐसा खुला दुरुपयोग किया है, जिसकी मिसाल पूरे देश में नहीं मिलती। 

केंद्र से हिमाचल को भेजी गई राशि को योजनाओं पर खर्च करने के बजाय कांग्रेस सरकार ने अफसरशाही पर दबाव डालकर अनेक विभागों से झूठे और जबरदस्ती बनवाए गए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (UC) प्राप्त किए और उस धन को सीधे प्रदेश की ट्रेजरी में डालकर केवल कर्मचारियों की सैलरी, सरकार की मौज-मस्ती और अपने राजनीतिक खर्चों में झोंक दिया।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश के विकास की नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी और कांग्रेस नेताओं के हितों की चिंता कर रहे हैं। हिमाचल को केंद्र से जो पैसा रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मिला, उसे भी कांग्रेस सरकार ने नहीं छोड़ा। रेलवे और स्वास्थ्य के बड़े एमओयू प्रोजेक्ट्स में भी विभागों पर दबाव बनाकर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट हासिल किए गए और करोड़ों रुपये का फंड ट्रेजरी में ट्रांसफर कर दिया गया।

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