शिमला में संजौली-ढली बाईपास सड़क पर धंसाव को देखने के बाद दहशत में स्थानीय लोग
संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते बाईपास सड़क और साथ लगते रिहायशी इलाके में पड़ी दरारों में पानी रिसने से यह खतरा बढ़ा
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 04-02-2026
राजधानी के संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते बाईपास सड़क और साथ लगते रिहायशी इलाके में पड़ी दरारों में पानी रिसने से यह खतरा बढ़ा है। सोमवार शाम अचानक सड़क किनारे हुए धंसाव को देखने के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं।
हालांकि, एनएचएआई ने गड्ढे में धंसी ड्रिलिंग मशीन को क्रेन की मदद से सोमवार देर शाम ही बाहर निकाल लिया था। अब मौके पर हुआ गड्ढा भी भर दिया है। मंगलवार सुबह 11:00 बजे जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फिर मौके पर पहुंचे।
सड़क किनारे हुए धंसाव और मरम्मत कार्य का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की। फिलहाल इसे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रखा है। इस बाईपास सड़क पर नाली की ओर दरारें बढ़ी हैं। दावा किया जा रहा है कि बारिश और बर्फबारी होने से दरारें बढ़ने और अचानक सड़क पर गड्ढा पड़ने की घटना हुई है।
हालांकि धंसाव के पीछे लापरवाही भी बड़ा कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिला प्रशासन ने नौ जनवरी को ही भारी वाहनों की आवाजाही इस सड़क पर बंद कर दी थी। बावजूद इसके कई दिन से इस पर ट्रक, ट्राले चलाए जा रहे थे।
अब बसें भी इस पर दौड़ाई जा रही थीं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी सड़क पर बोझ पड़ा जिससे अचानक धंसाव हो गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सड़क किनारे पड़ीं दरारों का निरीक्षण किया।
दावा किया कि यह दरारें गहरी नहीं हैं। नालियों की मरम्मत के लिए जो प्लास्टर लगाया था, अभी सिर्फ वही टूटा है। इस पर पड़ीं दरारें गहरी नहीं हैं। इस क्षेत्र के ठीक नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। नौ जनवरी से यह निर्माण कार्य भी बंद रखा गया है। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी रमेश कुमार, सुरेंद्र ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश का पानी रिसने से टनल के ऊपर बसे क्षेत्र को खतरा है।
What's Your Reaction?

