रोनहाट कॉलेज को बंद किए जाने के विरोध में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राजकीय महाविद्यालय रोनहाट को बंद किए जाने की आशंका के विरोध में शनिवार को छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोनहाट बाजार में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कॉलेज को तत्काल पुनः संचालित करने की मांग उठाई।

Jun 6, 2026 - 17:20
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रोनहाट कॉलेज को बंद किए जाने के विरोध में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

यंगवार्ता न्यूज रोनहाट 6 जून, 2026 :

 
राजकीय महाविद्यालय रोनहाट को बंद किए जाने की आशंका के विरोध में शनिवार को छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोनहाट बाजार में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कॉलेज को तत्काल पुनः संचालित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए एकजुटता दिखाई। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "सुक्खू सरकार होश में आओ", "रोनहाट कॉलेज में ताला लगाना बंद करो", "शिक्षा हमारा अधिकार है" तथा "ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारी पूरे बाजार में रैली निकालते हुए लोगों को कॉलेज के महत्व और इसके बंद होने से क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूक करते रहे।


इस अवसर पर किसान सभा के अध्यक्ष अभय धामटा, वीरेंद्र तथा अरुण जस्टा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रोनहाट जैसे दूरस्थ क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एकमात्र प्रमुख केंद्र राजकीय महाविद्यालय रोनहाट है। यदि इस कॉलेज को बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ी है और वर्तमान में लगभग 70 छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं। इसके अतिरिक्त नए शैक्षणिक सत्र में लगभग 30 से 40 और विद्यार्थियों के प्रवेश लेने की संभावना है।


वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दूर-दराज के कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हैं। ऐसे में रोनहाट कॉलेज का बंद होना उनके उच्च शिक्षा के सपनों पर सीधा प्रहार होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर करने का कार्य कर रही है, जिसका खामियाजा क्षेत्र के युवाओं को भुगतना पड़ सकता है। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने यह भी कहा कि कॉलेज भवन के निर्माण कार्य को लेकर सरकार द्वारा किए गए वायदे आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। भवन निर्माण का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कॉलेज भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए तथा कॉलेज को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कॉलेज को बंद करने का निर्णय वापस नहीं लिया और शिक्षा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। 


धरना-प्रदर्शन के उपरांत छात्रों और स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार रोनहाट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कॉलेज को पुनः नियमित रूप से संचालित करने की मांग की गई।

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