एक व्यक्ति ने स्कूल में घुसकर मिड-डे मील महिला वर्कर की दराती से की हत्या,आरोपी गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के देहरा उपमंडल की ग्राम पंचायत चनौर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में वीरवार दोपहर एक व्यक्ति ने स्कूल में घुसकर मिड-डे मील महिला वर्कर की दराती से हत्या कर दी। महिला की पहचान सुलोचना देवी (59) निवासी चनौर के रूप में हुई

Feb 13, 2026 - 15:38
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एक व्यक्ति ने स्कूल में घुसकर मिड-डे मील महिला वर्कर की दराती से की हत्या,आरोपी गिरफ्तार
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - कांगड़ा    13-02-2026

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के देहरा उपमंडल की ग्राम पंचायत चनौर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में वीरवार दोपहर एक व्यक्ति ने स्कूल में घुसकर मिड-डे मील महिला वर्कर की दराती से हत्या कर दी। महिला की पहचान सुलोचना देवी (59) निवासी चनौर के रूप में हुई है। 

आरोपी राकेश कुमार उर्फ मोनू (48) भी चनौर का ही रहने वाला है। पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पैसों के लेनदेन में आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महिला से पैसे लेने थे।

जानकारी के अनुसार बच्चे खाने के इंतजार में बैठे हुए थे। थालियां सजने वाली थीं। दाल परोसनी बाकी थी। अचानक चीख गूंजी। फर्श पर खून बह रहा था। यह पूरा दृश्य देख डर मासूमों की आंखों में उतर गया। देखते ही देखते चनौर का प्राथमिक स्कूल बच्चों के लिए किसी डरावने सपने में बदल गया। 

मिड-डे मील के इंतजार में बैठे नौनिहालों ने अपनी आंटी सुलोचना देवी को तेजधार हथियार से कटते देखा। जो स्कूल रोज हंसी से गूंजता था, वहां अब चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही थीं। हत्या की खबर आग की तरह गांव में फैली। 

अभिभावक बदहवास हालत में स्कूल की ओर दौड़े। किसी के हाथ में दुपट्टा था, किसी के पैरों में चप्पल तक नहीं। स्कूल पहुंचते ही उन्होंने बच्चों को सीने से लगा लिया। सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली, लेकिन बच्चों की आंखों में उतर चुका खौफ साफ दिख रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब आरोपी मोनू दराती से वार कर रहा था, तब कई बच्चे आंगन में ही खड़े थे। वे दोपहर का भोजन लेने की तैयारी में थे। महिला की चीखें और खून से लथपथ दृश्य ने बच्चों को अंदर तक हिला दिया। अध्यापकों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को तुरंत कमरों में बंद कर सुरक्षित किया। 

दरवाजे बंद कर दिए गए। लेकिन खिड़कियों की दरारों से दिखा वह मंजर मासूम दिलों पर गहरा जख्म छोड़ गया। दोपहर के खाने का निवाला गले से नहीं उतरा। स्कूल परिसर में सिर्फ सिसकियां थीं। कई बच्चे देर तक चुप बैठे रहे। कुछ रोते रहे। 

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