नशा मुक्ति के लिए आरंभ होगा मदर्स एगेंस्ट एडिक्शन अभियान : पुंडीर 

हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के सौजन्य से कण्डाघाट खण्ड कार्यालय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की संयोजिकाओं के साथ युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता खण्ड विकास अधिकारी राजेश ठाकुर ने की। उन्होने हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा आरंभ किए नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जिस प्रकार युवा वर्ग विभिन्न प्रकार के नशे का शिकार हो रहा है

Nov 7, 2025 - 19:43
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नशा मुक्ति के लिए आरंभ होगा मदर्स एगेंस्ट एडिक्शन अभियान : पुंडीर 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  07-11-2025
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के सौजन्य से कण्डाघाट खण्ड कार्यालय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की संयोजिकाओं के साथ युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता खण्ड विकास अधिकारी राजेश ठाकुर ने की। उन्होने हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा आरंभ किए नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जिस प्रकार युवा वर्ग विभिन्न प्रकार के नशे का शिकार हो रहा है वह एक चिंता ही नहीं अपितु चिंतन का विषय है। समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने नशे के खिलाफ शुरू किए गए युवा बचाओ अभियान के अनुभवों को साझा किया। 
उन्होंने नशे के खिलाफ समाज द्वारा पहल करने तथा व्यापक एकता बनाते हुए सामाजिक , धार्मिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक , सरकारी , गैर सरकारी लामबंदी की अपील की। डाइट से सेवानिवृत्त उर्मिल ठाकुर ने युवाओं की सोशल मीडिया में भूमिका को देखते हुए समिति द्वारा वेब सीरीज के रूप में डिजिटल हस्तक्षेप (द व्हाइट टूªथ ) पर चर्चा की तथा प्रतिभागियों को ट्रेलर भी दिखाया। पर्यटन विभाग से सेवानिवृत अतिरिक्त निदेशक रविंद्र शर्मा ने प्रभावित परिवारों एवं नशे से बाहर निकल रहे युवाओं से संवाद पर बल दिया। सेवानिवृत कल्याण अधिकारी सुमित्रा चंदेल ने पारिवारिक हस्तक्षेप तथा माँ की केंद्रीय भूमिका पर बात करते हुए ’मदर्स एगेंस्ट एडिक्शन अभियान के तहत हर महिला को शामिल करने का आग्रह किया। 
उन्होंने बच्चों से माँ का प्राकृतिक, भावनात्मक, तथा जैविक रूप से सबसे अधिक जुड़ाव है। इसलिए परिवार की अहम भूमिका के साथ माँ की भूमिका सर्वोपरि है। जब बच्चा नशे में पड़ जाता है तो सबसे ज्यादा दुःख व पीड़ा माँ को ही होती है। इसलिए माँ को नशे के खिलाफ लामबंद तथा सशक्त बनाने की जरूरत है। ताकि वह शुरू से ही लक्षणों को पहचान सके तथा सही समय पर नशे से बाहर निकालने के लिए ठोस निर्णय ले पाए। इस अवसर पर समिति के  राज्य महासचिव सीता राम ठाकुर , जयंत शर्मा तथा सुदेश भी मौजूद थे।

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