बड़ा भंगाल से स्ट्रेचर पर भरमौर पहुंचाया घायल भेड़पालक , 13 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम बड़ा भंगाल क्षेत्र में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोही दल ने एक घायल भेड़ पालक की जान बचा ली। बड़ा भंगाल के टणकारी क्षेत्र में भेड़-बकरियां चराने के दौरान भेडपालक अचानक गंभीर रूप से घायल हो गया और दुर्गम इलाके में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने तुरंत चंबा के उपायुक्त से संपर्क कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करवाया

Jul 21, 2026 - 11:37
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बड़ा भंगाल से स्ट्रेचर पर भरमौर पहुंचाया घायल भेड़पालक , 13 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

यंगवार्ता न्यूज़ - चंबा  21-07-2026

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम बड़ा भंगाल क्षेत्र में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोही दल ने एक घायल भेड़ पालक की जान बचा ली। बड़ा भंगाल के टणकारी क्षेत्र में भेड़-बकरियां चराने के दौरान भेडपालक अचानक गंभीर रूप से घायल हो गया और दुर्गम इलाके में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने तुरंत चंबा के उपायुक्त से संपर्क कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करवाया। इसके बाद पर्वतारोहण अनुदेशक पंकज महंत के नेतृत्व में 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोहण दल को रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया। 
दल 18 जुलाई को भरमौर से बड़ा भंगाल के लिए निकला और कठिन पर्वतीय रास्तों को पार करते हुए घायल भेडपालक तक पहुंचा। प्राथमिक सहायता देने के बाद टीम ने मरीज को स्ट्रेचर पर सुरक्षित बांधकर दो दिनों तक लगातार पैदल यात्रा की। इस दौरान सदस्यों ने कई किलोमीटर लंबे, संकरे और जोखिम भरे पहाड़ी मार्ग पार करते हुए मरीज को सुरक्षित धराड़ी तक पहुंचाया। धराड़ी पहुंचने के बाद घायल को आगे उपचार के लिए भरमौर लाया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख में भर्ती कराया गया। समय रहते किए गए इस साहसिक रेस्क्यू अभियान से घायल भेड़ पालक की जान बच गई। 
इस कठिन अभियान में पर्वतारोहण दल के सदस्यों ने विषम परिस्थितियों के बीच अदम्य साहस, धैर्य और समर्पण का परिचय दिया। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू टीम और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया। एडीसी भरमौर विकास शर्मा के निर्देशानुसार पर्वतारोहण अनुदेशक पंकज महंत के नेतृत्व में 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोहण (रेस्क्यू) दल का गठन किया गया। यह दल 18 जुलाई को भरमौर से बड़ा भंगाल के लिए रवाना हुआ। उसी रात मरीज तक पहुंची। 
 
 
 
 
19 जुलाई सुबह मरीज को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित निकालकर पैदल रेस्क्यू अभियान आरंभ किया गया। रेस्क्यू दल 19 जुलाई की रात लगभग 11 बजे के करीब मरीज को सुरक्षित धराड़ी तक लेकर पहुंचा। वहां पूर्व से तैनात एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को तत्काल पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। मरीज की पहचान निजल कुमार निवासी गुनेहड़ बड़ा भंगाल के रूप में हुई है।

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