चिट्टा जन-आंदोलन के तहत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नशा तस्करों पर कसा शिकंजा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कस दिया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 22-02-2026
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कस दिया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राज्य में एक साथ समन्वित और रणनीतिक कार्रवाई की है।
इस विशेष अभियान में संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। पुलिस ने पीट एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का उपयोग करते हुए गत 19 फरवरी को आठ कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक आदेश जारी किए। इन आदेशों को शनिवार को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
कार्रवाई के दौरान शिमला से पांच, देहरा से एक, नूरपुर से एक और ऊना से एक तस्कर को निरुद्ध किया गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 के अंत तक पीट एनडीपीएस एक्ट के तहत 65 तस्करों को निरुद्ध किया जा चुका था। 2026 में अब तक 31 तस्करों पर कार्रवाई हो चुकी है। इस तरह कुल 96 आदतन और संगठित तस्करों को इस कठोर कानून के तहत निरुद्ध किया जा चुका है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि हिमाचल प्रदेश पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ लगातार और परिणामोन्मुख अभियान चला रही है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों, खासकर युवाओं से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और जनसहभागिता के सहयोग से पुलिस चिट्टा-मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
डीजीपी अशोक तिवारी का कहना है कि नशा तस्करों की चल और अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है। अवैध आय से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त या कुर्क करने की प्रक्रिया कानून के तहत पूरी की जाएगी। इससे न केवल अपराधियों को दंड मिलेगा, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
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