जांच में खुलासा : दिमागी बीमारी की नकली दवाई बनाकर ऑनलाइन बेचने का स्वास्थ्य विभाग ने किया भंडाफोड
दिमागी बीमारी की नकली दवाई बनाकर ऑनलाइन बेचने का स्वास्थ्य विभाग ने भंडाफोड़ किया है। मुंबई में नकली दवाई बनाकर प्रेगाबलिन का ठप्पा लगाकर चंबा में बेची जा रही थी। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब संबंधित कंपनी को विभाग ने नोटिस निकाला
यंगवार्ता न्यूज़ - चंबा 21-04-2026
दिमागी बीमारी की नकली दवाई बनाकर ऑनलाइन बेचने का स्वास्थ्य विभाग ने भंडाफोड़ किया है। मुंबई में नकली दवाई बनाकर प्रेगाबलिन का ठप्पा लगाकर चंबा में बेची जा रही थी। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब संबंधित कंपनी को विभाग ने नोटिस निकाला।
इसकी जांच करने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी की फैक्टरी में जाकर पकड़ी गई दवाई के संबंध में बारीकी से जांच-पड़ताल की। जांच में खुलासा हुआ कि दवाई उस कंपनी ने बनाई ही नहीं थी, बल्कि कंपनी का ठप्पा इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बारे में कंपनी को भी कोई भनक नहीं थी।
इस दवाई को मुंबई से चंबा ऑनलाइन दवा बेचने वाले यूपी निवासी मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने अपने चार अन्य साथियों का जिक्र किया है। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
दिसंबर में ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने जुलाहकड़ी निवासी हरमीत को बिना बिल की दवाई के साथ पकड़ा था। उसने दवाई ऑनलाइन मुंबई से मंगवाई थी। इसमें प्रेगाबलिन के 750 कैप्सूल शामिल थे। विभाग ने इस मामले में अपनी तहकीकात को आगे बढ़ाया तो पता लगा कि मुंबई से मोहम्मद अहमद बिना बिल दवाई लेकर आगे भी बिना बिल बेच रहा था।
बड़ी बात यह है कि युवा इस दवाई को गैरकानूनी तरीके से नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। कूरियर से आरोपी चंबा में नकली दवाई भेजता था। अब तक उसने कहां-कहां यह दवाई बेची है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
दो साल में चंबा में अवैध रूप से नशीली दवाई बेचने के 40 मामले स्वास्थ्य विभाग दर्ज कर चुका है। इसमें तीन केमिस्टों के खिलाफ अदालत में केस चल रहे हैं। दो दर्जन से अधिक केमिस्टों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
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