हाईकोर्ट ने सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति से जुड़े मामले में अंतरिम आदेश में बदलाव करने से किया इंकार 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति से जुड़े एक मामले में अंतरिम आदेश में बदलाव करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि एएमआईई योग्यता रखने वाले जूनियर इंजीनियरों के लिए आरक्षित 5 फीसदी कोटे को अन्य श्रेणियों में डायवर्ट करने पर लगाई गई रोक

Jan 10, 2026 - 13:11
Jan 10, 2026 - 13:24
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हाईकोर्ट ने सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति से जुड़े मामले में अंतरिम आदेश में बदलाव करने से किया इंकार 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    10-01-2026

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति से जुड़े एक मामले में अंतरिम आदेश में बदलाव करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि एएमआईई योग्यता रखने वाले जूनियर इंजीनियरों के लिए आरक्षित 5 फीसदी कोटे को अन्य श्रेणियों में डायवर्ट करने पर लगाई गई रोक जारी रहेगी। 

यह मामला भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के कॉलम संख्या 11 (3) के तहत आने वाले पांच फीसदी कोटे से संबंधित है। पूर्व में, अदालत ने इस कोटे को स्नातक जूनियर इंजीनियरों को हस्तांतरित करने पर रोक लगा दी थी। कुछ आवेदकों ने इस आदेश में संशोधन की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें तर्क दिया गया था कि इस रोक के कारण उनकी पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि स्पष्ट पदोन्नति पर कोई पूर्ण रोक नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 29 सितंबर 2022 के आदेश में केवल कोटे के डायवर्जन (बदलाव) को रोका गया है। अदालत ने कभी भी पात्र एएमआईई उम्मीदवारों की पदोन्नति प्रक्रिया को रोकने का निर्देश नहीं दिया है। 

अदालत ने आवेदकों के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अंतरिम आदेश उनके करियर में बाधा बन रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि बोर्ड की किसी कार्रवाई या निष्क्रियता से कोई पक्ष परेशान है, तो उसका समाधान कहीं और है। 

चूंकि मुख्य रिट याचिका में हितधारकों के अधिकारों का फैसला होना अभी बाकी है, इसलिए इस चरण में अंतरिम आदेश में संशोधन का कोई ठोस आधार नहीं है।न्यायालय ने आवेदन को निपटाते हुए मुख्य याचिकाओं की अगली सुनवाई 16 अप्रैल के लिए निर्धारित की है।

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