डीएवी विद्यालय नाहन में छात्रों को सिखाये आपदा से बचने के उपाए , गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी एवं दमकल केंद्र ने किया मॉक ड्रिल 

गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी विभाग नाहन एवं दमकल केंद्र नाहन के संयुक्त तत्वावधान में डीएवी विद्यालय नाहन में आपदा प्रबंधन पर एक सामूहिक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा के समय किए जाने वाले त्वरित एवं सुरक्षित उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर खोज एवं बचाव दल के प्रभारी केंद्र कमांडर सोमदत्त शर्मा ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी

Jul 7, 2025 - 20:11
Jul 7, 2025 - 20:32
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डीएवी विद्यालय नाहन में छात्रों को सिखाये आपदा से बचने के उपाए , गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी एवं दमकल केंद्र ने किया मॉक ड्रिल 
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  07-07-2025
गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी विभाग नाहन एवं दमकल केंद्र नाहन के संयुक्त तत्वावधान में डीएवी विद्यालय नाहन में आपदा प्रबंधन पर एक सामूहिक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा के समय किए जाने वाले त्वरित एवं सुरक्षित उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर खोज एवं बचाव दल के प्रभारी केंद्र कमांडर सोमदत्त शर्मा ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप, बाढ़, आग आदि किसी भी समय आ सकती हैं, और इनसे निपटने के लिए पूर्व तैयारी आवश्यक है। रेस्क्यू टीम एवं टीम प्रभारी द्वारा छात्रों को डिजास्टर फर्स्ट एड, एमरजेंसी मेथड्स तथा रेस्क्यू फ्रॉम हाइट जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों को यह बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में कैसे हिम्मत और सूझबूझ से कार्य करना चाहिए। 
कार्यक्रम में विशेष रूप से दमकल विभाग नाहन के प्रशासक रामदयाल ने अग्निशमन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में किस प्रकार से उसे सुरक्षित रूप से बुझाया जा सकता है। आपात स्थिति में CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) की प्रक्रिया को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें छाती दबाना एवं मुंह से सांस देकर मरीज़ को जीवनदान देना शामिल है। इसके अलावा, किसी के पैर में फ्रैक्चर होने पर उसे सुरक्षित रूप से स्ट्रेचर या अन्य उपायों से कैसे स्थानांतरित किया जाए, इसकी जानकारी दी गई। भूकंप एवं ऊँची इमारतों में आग लगने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए भी व्यावहारिक निर्देश दिए गए। बताया गया कि भूकंप के दौरान टेबल के नीचे छिपकर, खिड़की से दूर रहकर, तथा लिफ्ट का प्रयोग न करके जीवन की रक्षा की जा सकती है। 
आग या भूकंप के समय लिफ्ट का प्रयोग जानलेवा हो सकता है। इस मॉक ड्रिल में विद्यालय के विद्यार्थियों गुरमन, इनाया, अनमोल राजपूत, आरुषि, सानिया, वाणी आदि ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यालय के प्रधानाचार्य जसविंदर वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल न केवल जीवनरक्षक ज्ञान प्रदान करती हैं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर एवं जागरूक नागरिक भी बनाती हैं। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी आपदा प्रबंधन की जानकारी दें, ताकि किसी आपात स्थिति में सभी सुरक्षित रह सकें। यह आयोजन आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, साहस एवं सामूहिक सहयोग की भावना का एक आदर्श उदाहरण था। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक गण , छात्र व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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