यूजीसी के नए नियमों के ख़िलाफ़ हिमाचल में उबाल , देवभूमि क्षेत्रीय संगठन ने किया भाजपा कार्यालय का घेराव

यूजीसी के नए नियमों के ख़िलाफ़ देश भर में आंदोलन तेज होता हुआ नज़र आ रहा है। शिमला में देवभूमि क्षत्रिय संगठन और राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने हिमाचल भाजपा  प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी नेता और कार्यकर्ता हाथों में हथकड़ी के साथ शरीर पर ज़ंजीरें बांधे नजर आए। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार नए नियमों के ज़रिए सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है

Jan 28, 2026 - 20:17
Jan 28, 2026 - 20:29
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यूजीसी के नए नियमों के ख़िलाफ़ हिमाचल में उबाल , देवभूमि क्षेत्रीय संगठन ने किया भाजपा कार्यालय का घेराव
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   28-01-2026
यूजीसी के नए नियमों के ख़िलाफ़ देश भर में आंदोलन तेज होता हुआ नज़र आ रहा है। शिमला में देवभूमि क्षत्रिय संगठन और राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने हिमाचल भाजपा  प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी नेता और कार्यकर्ता हाथों में हथकड़ी के साथ शरीर पर ज़ंजीरें बांधे नजर आए। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार नए नियमों के ज़रिए सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है। यह संविधान के अनुच्छेद-14 के ख़िलाफ़ है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के छात्रों को बिना किसी अपराध जेल में डालने की तैयारी की जा रही है। 
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि कोई भी सांसद सामान्य वर्ग के ख़िलाफ़ तैयार किए गए इन नियमों के खिलाफ मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा के सांसद भी नए नियमों के खिलाफ कुछ नहीं कह रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए विनियम उच्च शिक्षा में समान अवसर देने के बजाय समाज को और अधिक विभाजित करने की दिशा में ले जा रहे हैं। समता के नाम पर लागू किए गए ये नियम योग्यता , अनुभव और शैक्षणिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। 
यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षा में समता विनियम 2026 को अधिसूचित किया था। इसके बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षक संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक संस्थाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। एचपीयू के पूर्व कुलपति और राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार भी यूजीसी संशोधन समिति के सदस्य हैं। ऐसे में प्रदेश में इस विषय को लेकर बहस और तेज हो गई है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर हिमाचल की सांसद कंगना , केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और भाजपा नेता राजीव भारद्वाज को निशाने पर लिया। 
उन्होंने आरोप लगाया कि बंटेंगे तो कटेंगे जैसे नारे देने वाले भाजपा नेता सवर्ण समाज के हितों पर कुठाराघात होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी के इन नियमों को तुरंत वापस नहीं लिया तो पूरे हिमाचल प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा और प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा। उधर, प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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