शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने की योजना जल्द उतरने जा रही धरातल पर
शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने की योजना जल्द धरातल पर उतरने जा रही है। प्रदेश सरकार ने पहले चरण की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इस हाईवे का ट्रैफिक सर्वे पूरा कर इसकी रिपोर्ट केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 20-01-2026
शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने की योजना जल्द धरातल पर उतरने जा रही है। प्रदेश सरकार ने पहले चरण की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इस हाईवे का ट्रैफिक सर्वे पूरा कर इसकी रिपोर्ट केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी है।
यह नया फोरलेन वर्तमान में निर्माणाधीन परवाणू-शिमला फोरलेन से जुड़ेगा। इससे रामपुर, किन्नौर और चीन सीमा तक आवाजाही आसान हो जाएगी। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के एनएच डिवीजन से इस हाईवे का ट्रैफिक सर्वे करवाया है। एनएच डिवीजन ने इसकी सर्वे रिपोर्ट केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय को भेज दी है।
रिपोर्ट के अनुसार अभी शिमला-रामपुर हाईवे पर रोजाना दस हजार से कम वाहनों की आवाजाही हो रही है, लेकिन आने वाले समय में कैथलीघाट-ढली फोरलेन बनने से इस पर यातायात बढ़ जाएगा। इसके अलावा चीन सीमा से जुड़ी इस सड़क का सामरिक महत्व भी है। ऐसे में इस हाईवे को फोरलेन में बदला जा सकता है।
ढली से रामपुर तक बने 119 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने की योजना है। इसके लिए ठियोग के पास टनल का निर्माण हो सकता है। इसके अलावा कई स्थानों पर फ्लाईओवर और छोटे पुलों का भी निर्माण होगा। हालांकि, कहां कितनी लंबी टनल, फ्लाईओवर बनेंगे, इसकी विस्तृत डीपीआर बाद में तैयार की जाएगी।
शिमला से रामपुर तक प्रस्तावित नया फोरलेन वर्तमान में निर्माणाधीन परवाणू-शिमला फोरलेन से ढली के पास जुड़ेगा। इस फोरलेन का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। ढली से कैथलीघाट तक करीब 27 किलोमीटर लंबे फोरलेन का भी 50 फीसदी काम एनएचएआई ने पूरा कर लिया है। साल 2027 के अंत तक इस ढली तक फोरलेन निर्माण को पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
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