हिमाचल में निवेश के लिए सबसे बड़ी बाधा है धारा 118 , औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बदलने होंगे कानून : हर्षवर्धन चौहान

हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य में निवेश बढ़ाने को लेकर बड़ी बात कही। उद्योग मंत्री ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाना है, तो यहां पर कानून बदलने होंगे। उन्होंने कहा कि कानून बदलने के लिए प्रदेश के दोनों दलों के नेताओं को बैठकर चर्चा करनी होगी

Mar 14, 2025 - 15:31
Mar 14, 2025 - 15:34
 0  69
हिमाचल में निवेश के लिए सबसे बड़ी बाधा है धारा 118 , औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बदलने होंगे कानून : हर्षवर्धन चौहान
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  14-03-2025

हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य में निवेश बढ़ाने को लेकर बड़ी बात कही। उद्योग मंत्री ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाना है, तो यहां पर कानून बदलने होंगे। उन्होंने कहा कि कानून बदलने के लिए प्रदेश के दोनों दलों के नेताओं को बैठकर चर्चा करनी होगी और एक दीर्घावधि कार्ययोजना पर विचार करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि धारा 118 हिमाचल में निवेश में बड़ी बाधा है, क्योंकि निवेश को उद्योग लगाने के साथ उसे बंद करके बेचने के लिए भी इजाजत चाहिए, जबकि उद्योगपति आसान निवेश चाहते हैं, जो हम उतनी आसानी से नहीं दे सकते। 
प्रदेश विधानसभा में हर्षवर्धन चौहान ने यह बात विधायक सुखराम चौधरी के एक सवाल के जवाब में कही। हर्षवर्धन ने कहा कि उद्योगपति तभी निवेश करेगा, जब उसे आसानी होगी, लेकिन यहां कानूनी बाध्यताएं इतनी हैं कि निवेश आसान नहीं है। ऐसे में राजनीतिक दलों द्वारा कानूनी बाध्यताओं पर आपसी सहमति बनाना जरूरी है, जिससे यहां पर निवेश बढ़ सकता है। विधायक जीत राम कटवाल के अनुपूरक सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि बिलासपुर में भी अलग- अलग स्थानों पर उद्योग क्षेत्र विकसित करने की योजना है। जोगिंदर नगर के विधायक प्रकाश राणा के एक सवाल पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सभी विधायकों से आह्वान किया कि वह अपनी विधायक निधि का पैसा रिलीज करने के लिए तुरंत डीसी को अपनी रेकमेंडेशन भेजें। 
समय रहते ऐसा नहीं किया गया, तो पैसा लैप्स हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर यह पैसा देती है, लेकिन पहले कोविड और फिर आपदा आने की वजह से इसमें थोड़ी देर जरूर हुई है। इस पैसे को कभी रोका नहीं जाता।विधायक राकेश कालिया के सवाल के उत्तर में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि विभाग यंत्र खरीदने के लिए किसानों को सब्सिडी देता है। रेट कांट्रैक्ट के जरिए कंपनियों को चुना जाता है , जो आगे यह यंत्र बेचती है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति को 50 फीसदी की सब्सिडी मिलती है , तो वहीं अन्यों को 40 फीसदी की। ओबीसी की अलग से सब्सिडी नहीं दी जाती है। सरकार ने किसान-बागवानों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow