शिमला , मनाली , डमटाल व नालागढ़ की आबोहवा प्रदेश में सबसे स्वच्छ , 27 रहा राजधानी का एक्यूआई

मौसम के बदले मिजाज और बारिश की फुहारों के बाद पांवटा साहिब को छोड़कर हिमाचल के सभी जिलों की आबोहवा में सुधार आया है। बद्दी में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) जहां 200 के आसपास रहता था। पिछले सात दिनों से बद्दी का एआईक्यू मॉडरेट जोन में था , वहीं 14 मार्च को घटकर 81 रह गया है। शिमला , मनाली , डमटाल व नालागढ़ की हवा में प्रदूषण की मात्रा सबसे कम रही। वर्तमान में इन चारों स्थानों की हवा बेहतर जोन में पाई गई

Mar 17, 2025 - 18:26
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शिमला , मनाली , डमटाल व नालागढ़ की आबोहवा प्रदेश में सबसे स्वच्छ , 27 रहा राजधानी का एक्यूआई
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  17-03-2025

मौसम के बदले मिजाज और बारिश की फुहारों के बाद पांवटा साहिब को छोड़कर हिमाचल के सभी जिलों की आबोहवा में सुधार आया है। बद्दी में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) जहां 200 के आसपास रहता था। पिछले सात दिनों से बद्दी का एआईक्यू मॉडरेट जोन में था , वहीं 14 मार्च को घटकर 81 रह गया है। शिमला , मनाली , डमटाल व नालागढ़ की हवा में प्रदूषण की मात्रा सबसे कम रही। वर्तमान में इन चारों स्थानों की हवा बेहतर जोन में पाई गई। 50 से कम एक्यूआई बेहतर श्रेणी में माना जाता है। शिमला में 27, मनाली में 32 , डमटाल में 49 व नालागढ़ में 50 एक्यूआई रहा। इस लिहाज से प्रदेश में शिमला सबसे स्वच्छ शहर पाया गया। 
होली पर बीबीएन के अधिकांश उद्योग बंद रहने और दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद प्रदेश में हवा में प्रदूषण की मात्रा काफी कम हुई है। बद्दी जैसे प्रदूषित शहर की भी हवा में एक्यूआई 100 से नीचे पाया गया। केवल प्रदेश में पांवटा साहिब की ऐसा शहर है, जहां पर सौ से अधिक एक्यूआई है। पांवटा साहिब में वर्तमान में 102 एक्यूआई है। इसके अलावा सभी शहरों में वायु में प्रदूषण की मात्रा संतोषजनक श्रेणी में रही। परवाणू में 62 , ऊना में 65 , सुंदरनगर में 73 , धर्मशाला में 63 , कालाअंब में 56 , बरोटीवाला में 60 व बद्दी में 81 एआईक्यू रहा। हिम परिवेश संस्था के महासचिव बाल किशन शर्मा व अध्यक्ष लक्ष्मी चंद ठाकुर ने बताया कि बीबीएन में होली के दौरान अधिकांश उद्योग बंद रहे। 
इससे हवा में प्रदूषण काफी हद कर कम रहा। वहीं बारिश होने से हवा में उड़ रहे प्रदूषण के कण बैठ गए, जिससे बद्दी, नालागढ़ व बरोटीवाला का एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में रहा। जैसे ही उद्योग चलने शुरू हो जाएंगे, प्रदूषण की मात्रा बढ़नी शुरू हो जाएगी। उधर, प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अधिशासी अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बोर्ड की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का औचक निरीक्षण किया जाता है। हवा को प्रदूषित करने वाले उद्योगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाती है।

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