हिमाचल सरकार ने 25 मेगावाट से कम क्षमता वाली छोटी पनविद्युत परियोजनाओं को दी बड़ी राहत
हिमाचल सरकार ने 25 मेगावाट से कम क्षमता वाली छोटी पनविद्युत परियोजनाओं को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट में हुए फैसले के बाद इंप्लीमेंटेशन एग्रीमेंट साइन न करने वाले छोटे प्रोजेक्टों के बाद अब उन प्रोजेक्टों को भी रॉयल्टी की बदली हुई दरों से मुक्त कर दिया गया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 02-01-2026
हिमाचल सरकार ने 25 मेगावाट से कम क्षमता वाली छोटी पनविद्युत परियोजनाओं को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट में हुए फैसले के बाद इंप्लीमेंटेशन एग्रीमेंट साइन न करने वाले छोटे प्रोजेक्टों के बाद अब उन प्रोजेक्टों को भी रॉयल्टी की बदली हुई दरों से मुक्त कर दिया गया है, जिन्होंने इंप्लीमेंटेशन एग्रीमेंट साइन कर दिया है, लेकिन बिजली बोर्ड के साथ पीपीए(पॉवर परचेज एग्रीमेंट) नहीं कर रहे हैं।
इन्हें अब 12 फ़ीसदी फ्री पावर और एक फ़ीसदी लोकल एरिया डिवेलपमेंट फंड ही लगेगा। राज्य सरकार ने बिजली परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी की दर एक निश्चित अवधि के बाद 12, 18 और 30 फ़ीसदी तय की थी, लेकिन इससे पहले छोटी विद्युत परियोजनाओं की अलॉटमेंट पाने वाले निवेशक इन दरों से सहमत नहीं थे।
इसीलिए उन्होंने राज्य सरकार के साथ इंप्लीमेंटेशन एग्रीमेंट भी साइन नहीं किए। इन्हें पहले ही ये छूट दे दी थी, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट रह गये थे जिन्होंने आईए साइन कर लिया था, लेकिन बिजली बोर्ड के साथ पीपीए साइन नहीं कर रहे थे। इन प्रोजेक्टों की संख्या 500 से ज्यादा है और करीब 20 हजार करोड़ का निवेश इसी वजह से अटका हुआ था।
राज्य सरकार ने इस मसले को घटा से एड्रेस करने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने अपने सिफारिश कैबिनेट में रखी और दो रोज पहले हुई कैबिनेट की बैठक में 25 मेगावाट से कम क्षमता वाली बिजली परियोजनाओं के लिए यह फैसला ले लिया गया। उम्मीद है कि निर्णय के बाद ऊर्जा क्षेत्र में फंसा हुआ ये निवेश आगे बढ़ेगा।
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