बेरोजगारों के प्रेरणा स्रोत बने आशीष , कृषि, बागवानी, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन से वार्षिक कमा रहे पांच करोड़ 

जज्बा, जनून, दृढ़ ईच्छा शक्ति तथा सरकार द्वारा योजनाओं पर मिलने वाला उपदान मिले तब सफलता अवश्य कदम चुमेगी। इसलिए आज बेरोजगारों को सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाए प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अन्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकते है। यह कहना है आशीष गौतम, गांव चमोडा, तहसील पच्छाद जिला सिरमौर के निवासी का, वह बताते है कि उन्हें वर्ष 2023 में उद्यान विभाग द्वारा 500 वर्ग मीटर ग्रीन हाउस के निर्माण के लिए 8 लाख 42 हजार रुपये का उपदान मिला

Mar 28, 2025 - 20:01
Mar 28, 2025 - 21:52
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बेरोजगारों के प्रेरणा स्रोत बने आशीष , कृषि, बागवानी, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन से वार्षिक कमा रहे पांच करोड़ 
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  28-03-2025

जज्बा, जनून, दृढ़ ईच्छा शक्ति तथा सरकार द्वारा योजनाओं पर मिलने वाला उपदान मिले तब सफलता अवश्य कदम चुमेगी। इसलिए आज बेरोजगारों को सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाए प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अन्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकते है। यह कहना है आशीष गौतम, गांव चमोडा, तहसील पच्छाद जिला सिरमौर के निवासी का, वह बताते है कि उन्हें वर्ष 2023 में उद्यान विभाग द्वारा 500 वर्ग मीटर ग्रीन हाउस के निर्माण के लिए 8 लाख 42 हजार रुपये का उपदान मिला, जिसमें उन्होंने मार्च माह में 2500 पौधे पीली तथा लाल शिमला मिर्च के रोपित किए, जिससे 5 टन शिमला मिर्च का उत्पादन हुआ तथा लगभग 7 लाख रुपये की आय अर्जित हुई इसके अतिरिक्त उन्हांेने इसी ग्रीन हाउस में खीरे भी लगाए, जो उन्होंने 20 रुपये प्रति किलो बेचे जिससे उन्हें 2 लाख रुपये की आय हुई। 
वह बताते है प्रदेश सरकार द्वारा उद्यान विभाग के माध्यम से चलाई जा रही पुष्प क्रांति योजना के तहत भी उन्होंने आवेदन किया है जिस पर उन्हें 30 हजार रुपये का उपदान मिलना है। उन्होंने अपने खेत में 500 पौधे लवेन्डर प्रजाति के रोपित किए जिसकी स्टीक तथा तेल की बाजार में बहुत मांग है। वह बताते है कि उन्हें पशुपालन विभाग से मुर्गी पालन के व्यवसाय हेतु 10 रुपये प्रति चूजे के हिसाब से 50 चुजे वर्ष 2024 में मिले जिसके तहत उन्होंने लगभग 30 हजार रुपये के अंडे तथा 20 हजार रुपये के मुर्गे बेचे तथा मुर्गे का वेस्ट वह मत्स्य पालन में उपयोग कर रहे है। वह बताते है उन्होंने कोरोना काल के दौरान मत्स्य पालन हेतु एक टैंक 1.50 लाख लीटर तथा एक 60 हजार लीटर का जल स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जिसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा 5 हजार मत्स्य बीज 1 रुपये प्रति बीज उपलब्ध कराया गया, जिससे गत जून-जुलाई माह में एक टन मछली का उत्पादन हुआ जिससे लगभग एक लाख रुपये की आय हुई।
 आशीष गौतम बताते है कि उन्होंने वर्ष 2023 में प्रदेश सरकार द्वारा 48 मधुमक्खी बॉक्स पर 1 लाख 36 हजार रुपये का अनुदान मिला जिसके तहत वर्ष 2024 में उन्होंने  1.50 टन शहद का उत्पादन कर 5 लाख रुपये की आय अर्जित की जिसे उन्होंने क्वागधार स्थित शी-हाट तथा ऑनलाइन विक्रय किया। वह बताते है कि उद्यान विभाग द्वारा उन्हें वर्ष 2024 में खुम्ब विकास योजना के तहत शेड निर्माण, वातानुकूलित कक्ष तथा कम्पोस्ट खाद खरीद के लिए 8 लाख रुपये का अनुदान मिला जिससे उन्हांेने लगभग एक साल के भीतर 30 टन मशरूम उत्पादित कर 30 लाख रुपये आय अर्जित की। इसी प्रकार उन्हें 1200 वर्ग फीट के कोल्ड स्टोर के निर्माण के लिए 2 लाख 50 हजार तथा एक बोरवेल स्थापित करने के लिए 1 लाख 3 हजार का उपदान भी स्वीकृत किया है। इसके अतिरिक्त उन्हें कृषि विभाग द्वारा 3 लाख लीटर की क्षमता वाला जल भंडारण टैंक निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में मिली है जिससे वह कृषि तथा बागवानी व्यवसाय का कार्य सुचारू रूप से कर रहे है। वह बताते है कि उनके बगीचे में सेब के गाला प्रजाति के जेरोमाइन तथा स्कारलेट-2 के 2500 पौधे फलदायक हैं। 
गत वर्ष उनके बगीचे से 200 पेटी सेब से 4 लाख की आय हुई जिसे उन्होंने परमाणु मंडी में बेचा। इस बगीचे के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें एंटी हेलनेट लगाने के लिए 36 हजार रुपये का अनुदान भी दिया गया। आशीष गौतम बताते है कि उनकी 5 हजार सेब के पौधों की नर्सरी है जिसे वह प्रतिवर्ष तैयार करते हंै। वह सेब के एक पौधे को 300 रुपये के हिसाब से बेचते हैं, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 15 लाख रुपये की आय होती है। वह बताते है कि उनका 400 पौधे का कीवी का बगीचा भी है जिसमें औसतन एक पौधे से 60 किलो फल मिलता है तथा इस वर्ष उनके कीवी के बगीचे से 20 टन कीवी का उत्पादन हुआ जिससे उन्हें लगभग 19 लाख रुपये की आय हुई। कीवी प्रोत्साहन योजना के तहत कीवी का बगीचा लगाने के लिए 5 लाख 50 हजार का उपदान भी मिला है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनका 1 लाख कीवी के पौधे तैयार करने का लक्ष्य है तथा आगामी दिसम्बर माह में उनकी किवी की नर्सरी तैयार हो जाएगी, जिसमें वह किवी का एक पौधा 150 रुपये की दर से विक्रय करेंगे जिससे लगभग 1 करोड़ 50 लाख की अनुमानित आय होगी। 
वह बताते है कि वह कृषि , बागवानी , मशरूम उत्पादन , मत्स्य , मुर्गी तथा मधुमक्खी पालन उनका शौंक है। इसके अतिरिक्त इन व्यवसायों से उनकी लगभग 5 करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित हो रही है। इन व्यवसायों में कार्य करने के लिए उन्होंने 10 से 12 मजदूर रखे है, जिन्हें वह 16 से 18 हजार रुपये प्रतिमाह मजदूरी देते है। आशीष गौतम बताते है कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं जिसका बेरोजगार युवाओं को लाभ उठाना चाहिए जिससे उनकी व प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ होगी। इस प्रकार की योजनाओं को चलाने के लिए वह प्रदेश सरकार तथा विशेषकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते है।
 

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