यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 26-03-2025
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान करुणामूलक आधार पर नौकरी देने का मामला गूंजा। इस दौरान सदन में हल्का शोर-शराबा भी हुआ। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार करुणामूलक आधार पर एकमुश्त नौकरी देने जा रही है। सरकार ने इसके लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल उपसमिति का गठन किया है। उसकी रिपोर्ट जल्द आने वाली है।
यह बात उन्होंने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अनुपस्थिति में विधायक सतपाल सिंह सत्ती तथा सुरेंद्र शौरी के सवाल के जवाब में कही। इस दौरान विधायक रणधीर शर्मा , नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी प्रतिपूरक सवाल किए। इस दौरान शिक्षा मंत्री एवं करुणामूलक को लेकर गठित मंत्रिमंडल उपसमिति के अध्यक्ष रोहित ठाकुर ने कहा कि उपसमिति 15 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को सौंप देगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी अध्यक्षता में उप समिति गठित की है जिसमें मंत्री राजेश धर्माणी व यादविंद्र गोमा सदस्य हैं तथा उप समिति की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करुणामूलकों को नौकरी देने के लिए वचनबद्ध है। करुणामूलक आश्रितों के कागज बार-बार वापस न आएं। इन सबको लेकर मंत्रिमंडल उपसमिति की सिफारिश आएगी। उन्होंने कहा कि करुणामूलक आश्रितों को नौकरी को लेकर सभी मामलों को कंसीडर करके उन्हें समयबद्ध तरीके से नौकरी देने के लिए कृतसंकल्प हैं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने एक टिप्पणी की, जिससे विपक्ष के कुछ सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए।
लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाल दिया , जिस पर विपक्ष के सदस्य शांत हुए। विधायक रणधीर शर्मा ने सवाल करते हुए कहा कि जब कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसकी पत्नी व बच्चों को मिलने वाली पैंशन को भी परिवार की आय में जोड़ा जाता है। उन्होंने आय सीमा में पेंशन को शामिल नहीं करने की मांग की। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन भी परिवार की आय है।