यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 26-03-2025
कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो हर मुश्किल सिर झुकाती है। ऐसा ही उदाहरण नाहन की बेटी काजल चौधरी ने पेश किया है। जिसके बाद वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है , जो एक छोटी हार के बाद भी थककर बैठ जाते हैं। काजल चौधरी ने एक के बाद एक चार बड़े स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। खास बात यह है कि आरक्षित श्रेणी में होने के बावजूद उन्होंने इसका लाभ न उठाते हुए सभी परीक्षाएं सामान्य श्रेणी से उतीर्ण की। अब नाहन की बेटी एम्स ऋषिकेश में बतौर नर्सिंग ऑफिसर सेवाएं देंगी। उन्होंने अपना पदभार संभाल अपना बचपन का सपना साकार किया है।
हालांकि इससे पहले उन्होंने मई 2024 में मिलिट्री नर्सिंग/लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास की थी। बड़े स्तर की परीक्षा पास करने के बाद परिवार अन्य दोस्तों व संबंधियों द्वारा उन्हें इस पद पर सेवाएं शुरू करने के लिए दबाव बनाया गया। लेकिन उनका सपना एम्स में सेवाएं देने का था। जिसके बाद उन्होंने इस पद पर ज्वाइनिंग नहीं की। इसके साथ ही उन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए मेहनत जारी रखी। इस बीच उन्होंने इएसआईसी में नर्सिंग ऑफिसर की परीक्षा उतीर्ण की। इसके साथ ही एसजेपीजीआई लखनऊ में भी नर्सिंग ऑफिसर की परीक्षा उतीर्ण कर ली। जिसके 30 मार्च को ज्वाइनिंग है।
इसी दौरान उन्होंने एम्स ऋषिकेश में भी नर्सिंग ऑफिसर की परीक्षा उतीर्ण कर सभी को चौंका दिया और अपने सपने को साकार करते हुए इस पद पर ज्वाइनिंग भी ले ली है। हालांकि काजल अनुसूचित जनजाति श्रेणी से आती हैं बावजूद इसके उन्होंने यह सभी चारों परीक्षाएं सामान्य श्रेणी से उतीर्ण की हैं। काजल चौधरी ने बताया कि उनके पिता राकम सिंह निजी क्षेत्र में सेवाएं देते हैं तो माता राज देवी हिमाचल पुलिस में सेवाएं दे रही हैं। जबकि उनके भाई पंकज चौधरी बैंक में असिस्टेंट मेनेजर पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इसके लिए प्रेरणा सेना से सेवानिवृत उनके नाना से मिली हैं और उनके माता-पिता का उन्हें पूरा सहयोग हर क्षेत्र में मिला है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता, भाई सहित शिक्षकों व ममेरे भाई सुमित सहित अपने शिक्षकों को दिया है। उन्होंने यह मुकाम बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी से प्राप्त किया है। काजल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल नाहन से की। जिसके बाद डॉ. वाईएस परमार स्नातकोत्तर महाविद्यालय से पढ़ाई की और इस दौरान उनका चयन एम्स नर्सिंग भुवनेश्वर , उड़ीसा के लिए हुआ। यहां से उन्होंने 4 साल की बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि यदि कोई अपने स्कूल व कालेज में करवाई जा रही पढ़ाई को ध्यान से करे और घर में आकर दोहराए तो कोई भी मुकाम मुश्किल नहीं है।