नेसंगिक सौंदर्य, देव परंपराओं, सांस्कृतिक विविधताओं की अनूठी संस्कृति : जगत सिंह नेगी

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला के आईस स्केटिंग रिंक कल्पा में आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय किन्नौर लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ कर साहित्यक माहौल स्थापित

Jun 7, 2025 - 15:41
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नेसंगिक सौंदर्य, देव परंपराओं, सांस्कृतिक विविधताओं की अनूठी संस्कृति : जगत सिंह नेगी
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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किन्नौर जिला की समृद्ध संस्कृति से उपस्थित लोगों को किया ज्ञानवर्धक

यंगवार्ता न्यूज़ - रिकांग पिओ         07-06-2025 

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला के आईस स्केटिंग रिंक कल्पा में आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय किन्नौर लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ कर साहित्यक माहौल स्थापित किया।

कैबिनेट मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि किन्नौर जिला का इतिहास व संस्कृति प्राचीन होने के साथ-साथ समृद्ध व वैभवशाली है जो किन्नौर जिला को वैश्विक पटल पर एक साहित्यक और आकर्षक पहचान देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साहित्य महोत्सव लोगों को किन्नौर जिला के समृद्ध इतिहास, संस्कृति, रीति-रिवाज़, खान-पान व पहरावे के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने का उचित मंच है। 

जहां किन्नौर जिला व देश के अन्य साहित्यकार किन्नौर के इतिहास व संस्कृति का ज्ञान विस्तारपूर्वक प्रदान करते है और साथ ही नई सोच व पहलों पर विचार-विमर्श करते हैं। राजस्व मंत्री ने साहित्य महोत्सव में आए छात्र व छात्राओं को साहित्य व संस्कृति के प्रति रुचि दिखाने के लिए आनंद का भाव प्रकट करते हुए कहा कि आज के समय में  युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति का मूल ज्ञान होना अति आवश्यक है। 

ताकि हम किन्नौर सहित अन्य जनजातीय जिलों की समृद्ध प्राचीन संस्कृति को आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित व संवर्धित रख सके। जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला के इतिहास व समृद्ध संस्कृति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपने साहित्यिक अनुभव को सांझा करते हुए कहा कि जिला किन्नौर का अत्यंत प्राचीन व गूढ़ इतिहास है। 

किन्नर कैलाश की गोद में बसा जनजातीय जिला किन्नौर अपने नेसंगिक सौंदर्य, देव परंपराओं, सांस्कृतिक विविधताओं व अनूठी संस्कृति से भरपूर है। उन्होंने उपस्थित लोगों को जिला किन्नौर की भौगोलिक व सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए आगे आने का भी आग्रह किया।

किन्नौर लिटरेचर फेस्टिवल में देश, प्रदेश व जिला के प्रसिद्ध साहित्यकारों के मध्य एक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया जिसमें साहित्यकारों द्वारा अपने-अपने साहित्य के क्षेत्र से संबंधित विचार रखे गए तथा एक साहित्यिक वातावरण स्थापित किया गया।

 किन्नौर जिला के अतीत व भविष्य पर चर्चा में राजस्व मंत्री, प्रोफेसर विद्या सागर नेगी, प्रोफेसर डॉ स्नेह लता नेगी, दीपक सानन, सोहेल हाशमी, गोलदार नेगी, रोशन लाल नेगी, चेतन सिंह  व प्रमति ने भाग लिया। चर्चा में किन्नौर जिला के इतिहास व बदलते परिवेश पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा तिब्बती बौद्ध धर्म और देवताओं की भूमि में किन्नौर जिला के इतिहास और विरासत के संरक्षण पर भी चर्चा की गई।

उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस किन्नौर साहित्य महोत्सव को आयोजित करने का उद्देश्य प्रदेश व जिला के साहित्यकारों को एक मंच प्रदान कर उनके साहित्यक अनुभव को सांझा करना है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर, उपमंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललिता पंचारस, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस, केसर नेगी, जिला परिषद सदस्य हितेष नेगी, राज्य इंटेक के उपाध्यक्ष कुलवंत नेगी, जिला इंटेक के अध्यक्ष मान चंद नेगी, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्षा सरोज नेगी  व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी सहित अन्य उपस्थित थे।

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