मुख्यमंत्री बताएं क्या हिम केयर के लाभार्थियों को भी मिलेगा रोबोटिक सर्जरी का लाभ : जयराम ठाकुर

मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि हिम  केयर के लाभार्थियों को भी सैद्धांतिक तौर पर रोबोटिक सर्जरी का लाभ मिलेगा या नहीं? सैद्धांतिक तौर पर लाभ मिलने का सवाल इसलिए है क्योंकि अभी तक हिम  केयर के लाभार्थियों को सामान्य से सामान्य लाभ भी नहीं मिल रहे हैं और सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने की वजह से लोगों का इलाज नहीं हो रहा है, उनके ऑपरेशन टाल दिए गए हैं

Aug 7, 2025 - 18:29
 0  62
मुख्यमंत्री बताएं क्या हिम केयर के लाभार्थियों को भी मिलेगा रोबोटिक सर्जरी का लाभ : जयराम ठाकुर
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  07-08-2025
मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि हिम  केयर के लाभार्थियों को भी सैद्धांतिक तौर पर रोबोटिक सर्जरी का लाभ मिलेगा या नहीं? सैद्धांतिक तौर पर लाभ मिलने का सवाल इसलिए है क्योंकि अभी तक हिम  केयर के लाभार्थियों को सामान्य से सामान्य लाभ भी नहीं मिल रहे हैं और सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने की वजह से लोगों का इलाज नहीं हो रहा है, उनके ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। सरकार द्वारा रोबोटिक सर्जरी को लेकर ढाई साल से लगातार बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि रोबोटिक सर्जरी का लाभ क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को मिलेगा या नहीं? मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि रोबोटिक सर्जरी हिम केयर के कार्ड धारकों को किन शर्तों पर मिलेगी? यह भी स्पष्ट करें कि कितने दिन के अंदर लोगों को रोबोटिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन की तारीख मिल जाएगी? वर्तमान में एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए 4 से 6 महीने बाद की तारीख भी मिल रहीहैं। 
एक्स रे और अल्ट्रासाउंड के लिए भी कई बार लोगों को महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में हिम केयर कार्ड धारकों को रोबोटिक सर्जरी का लाभ एक निर्धारित समय के भीतर मिले यह सरकार को सुनिश्चित करना होगा। हमारी सरकार में जब हमने आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की थी तो हमने किडनी ट्रांसप्लांट को हिम केयर से जोड़ा था। जयराम ठाकुर आपदाग्रस्त क्षेत्र के दौरे पर हैं। दौरान उन्होंने थुनाग में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की। जयराम ठाकुर ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहुल गांधी के साथ गुरुवार को डिनर करेंगे, दूसरे अखबारों से पता चला कि राहुल गांधी के साथ डिनर के  के कारण मुख्यमंत्री शिमला नहीं आ पाए और इसलिए चमियाना में होने वाली रोबोटिक सर्जरी टाल दी गई। अगली सर्जरी कब होगी इसकी तिथि भी अभी निश्चित नहीं हो पाई है। 
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इस ऑपरेशन की शुरुआत की जानी थी लेकिन मुख्यमंत्री महोदय को राहुल गांधी जी ने अपने नए घर के गृह प्रवेश पर आमंत्रित किया है इसीलिए उनका बुधवार को शिमला आने का कार्यक्रम 2 दिन के लिए टल गया, इसलिए यह सर्जरी भी टल गई। एक और अखबार के माध्यम से यह पता चला है की जिन तीन लोगों के ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी से होने थे सभी के सभी मरीज कैंसर या ट्यूमर की बीमारी से पीड़ित थे। एक मरीज प्रोस्टेट कैंसर और दो मरीज किडनी ट्यूमर की बीमारी से ग्रस्त है। यह सभी बीमारियां 'ब्लड स्प्रेड’ की श्रेणी में आती हैं। ऐसे में ऑपरेशन को इवेंट बनाने के लिए टाला जा रहा है। लेकिन इस तरह की लेट लतीफी से मरीज की जान खतरे में डालने का हक सरकार को नहीं है। जब रोबोटिक सर्जरी दुनिया के किसी में कोने में बैठकर संपन्न हो सकती है तो क्या मुख्यमंत्री ऑनलाइन इस प्रक्रिया से जुड़कर इस ऑपरेशन को संपन्न नहीं करवा सकते थे?
 इसके लिए मरीज की जान आफत में डालने की क्या आवश्यकता है? व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सरकार व्यवस्थाओं के पतन पर आमादा है। आज 7 तारीख है और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा नौणी विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अभी तक नहीं आया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वेतन न आने की वजह से शिक्षक और कर्मचारी लगातार 5 दिन से धरने पर हैं और वेतन जारी करने के लिए सरकार से बार-बार आग्रह कर रहे हैं। देश को ऐसा व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए जहां शिक्षकों को क्लास  रूम में पढ़ाने के बजाय अपने वेतन के लिए प्रदर्शन करना पड़े और सरकार की नाकामियों को उजागर करने वाले नारे लगाने पड़े। सरकार से निवेदन है कि बड़ी-बड़ी बातें करने से बाज आए और शिक्षकों और  कर्मचारियों को उनका हक दे। वेतन के साथ- उनके लंबित अदायगी का भी भुगतान करे। मुख्यमंत्री इस मामले में तत्काल दखल दें और अति शीघ्र वेतन जारी करें। लोगों की ईएमआई भी बाउंस हुई है। व्यवस्था परिवर्तन पर अमादा सरकार से आग्रह है कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य ही करने दें उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर बाध्य न करे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow